क्या पीएम मोदी ने नेहरू के भाषण से कांग्रेस को दी चेतावनी?
एलपीजी संकट और नेहरू का ऐतिहासिक संदर्भ
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और ईरान के संकट के चलते देश में एलपीजी की कमी पर चर्चा के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक महत्वपूर्ण भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने नेहरू के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए बताया कि वैश्विक घटनाओं का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है।
नेहरू का दृष्टिकोण
असम में किसान सम्मान निधि की राशि जारी करते हुए, पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 15 अगस्त 1951 को पंडित नेहरू ने महंगाई और बढ़ती कीमतों के लिए 'कोरियाई युद्ध' जैसे बाहरी कारणों को जिम्मेदार ठहराया था।
नेहरू ने कहा था कि महंगाई के पीछे दो मुख्य कारण होते हैं: पहला, वे जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं (जैसे कोरियाई युद्ध) और दूसरा, वे जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं, जैसे कालाबाजारी। पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी एनडीए सरकार किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही है, जबकि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देश के प्रति ईमानदार नहीं है।
पीएम मोदी की चेतावनी
पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान संकटों के बीच कांग्रेस केवल अफवाहें फैलाने में लगी हुई है। उन्होंने कांग्रेस के सदस्यों से आग्रह किया कि वे लाल किले पर 15 अगस्त को पंडित नेहरू द्वारा दिए गए भाषण को सुनें। उन्होंने कहा कि नेहरू ने उस भाषण में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध को महंगाई का कारण बताया था।
नेहरू का पूरा बयान
1951 में स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में, नेहरू ने कहा था कि स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो सतर्क नहीं रहता, वह आज की कठोर दुनिया में टिक नहीं पाता। नेहरू ने बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये समस्याएं दो कारणों से उत्पन्न होती हैं: पहला, वे जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं, जैसे कोरियाई युद्ध, और दूसरा, वे जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं।