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क्या भारत पर 50% टैरिफ का निर्णय ट्रंप की विदेश नीति में असंगतता को दर्शाता है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के निर्णय ने अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स को कड़ी प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया है। उनका कहना है कि यह नीति केवल भारत को निशाना बनाकर अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुंचा रही है, जबकि चीन जैसे देशों को इस निर्णय से छूट दी गई है। क्या यह कदम अमेरिका के हितों को चोट पहुंचा रहा है? जानिए इस लेख में ट्रंप के निर्णय और भारत के संभावित संवाद के बारे में।
 

ट्रंप का भारत पर टैरिफ: डेमोक्रेट्स की कड़ी प्रतिक्रिया

Trump India Tariff: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि केवल भारत को निशाना बनाना न केवल नीति में भ्रम पैदा करता है, बल्कि यह अमेरिका-भारत संबंधों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके विपरीत, चीन जैसे देशों को इस निर्णय से छूट दी गई है, जो रूस से ऊर्जा का सबसे बड़ा आयातक है। डेमोक्रेट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि यह निर्णय यूक्रेन युद्ध से सीधे तौर पर संबंधित नहीं लगता। उनका मानना है कि यह कदम अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है और विदेश नीति में पक्षपात को दर्शाता है।


यूक्रेन के संदर्भ में नीति की असंगतता

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन के उस निर्णय को भ्रामक बताया, जिसमें केवल भारत को रूसी तेल खरीदने पर दंडित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल खरीदने वाले सभी देशों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की धमकी दी होती, तो यह एक अलग मामला होता। लेकिन केवल भारत पर ध्यान केंद्रित करने से नीतिगत परिणाम भ्रामक हो गए हैं। चीन, जो रूसी ऊर्जा का सबसे बड़ा आयातक है, अब भी रियायती कीमतों पर तेल खरीद रहा है और उसे इस दंड से बचा लिया गया है। डेमोक्रेट्स का कहना है कि अमेरिका की नीति में समानता और रणनीतिक स्पष्टता की कमी है।


ट्रंप का 50% टैरिफ

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 6 अगस्त 2025 को जारी कार्यकारी आदेश 14329 के तहत भारत से होने वाले आयात पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह निर्णय विशेष रूप से उन भारतीय उत्पादों पर लागू होगा जो 27 अगस्त से प्रभावी हो गए हैं।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह टैरिफ इसलिए लगाया गया है क्योंकि भारत रूस से रियायती दर पर तेल और रक्षा उपकरण खरीद रहा है, जिससे मास्को की युद्ध मशीन को आर्थिक सहायता मिल रही है और यूक्रेन में आक्रामकता बढ़ रही है।


भारत ने संवाद के संकेत दिए

भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच संवाद की संभावना अभी भी बनी हुई है। भारतीय अधिकारियों ने मौजूदा व्यापार तनाव को अमेरिका के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक रिश्तों में एक अस्थायी बाधा बताया है। सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत का विविध निर्यात आधार इस तरह के झटकों को सहन करने में सक्षम है और भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव सीमित रहेगा।