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क्या भारत में ईंधन की कमी है? जानिए पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के पीछे की वजह

दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। हाल ही में रिलायंस-बीपी ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत एक बार में केवल 1000 रुपये तक का ईंधन दिया जाएगा। नायरा और शेल इंडिया जैसी कंपनियों ने भी कीमतों में वृद्धि की है। हालांकि, सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। जानिए इस स्थिति के पीछे की वजह और भविष्य में क्या हो सकता है।
 

भू-राजनीतिक तनाव का असर


दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव अब आम जनता की जेब पर भी पड़ने लगा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। हालांकि, भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन हाल के निर्णयों ने भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।


रिलायंस-बीपी का नया नियम

हाल ही में रिलायंस-बीपी (जियो-बीपी) के पेट्रोल पंप पर एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके अनुसार अब एक बार में केवल 1000 रुपये तक का ही ईंधन दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या देश में पेट्रोल-डीजल की कमी होने वाली है या कंपनियां भविष्य में कीमतों में वृद्धि की योजना बना रही हैं।


नायरा और शेल इंडिया की कीमतों में वृद्धि

नायरा और शेल इंडिया ने बढ़ाए दाम


मार्च में नायरा एनर्जी ने सबसे पहले ईंधन की कीमतों में वृद्धि की थी, जिसमें पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद से कंपनी ने अपने रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।


नायरा के बाद, शेल इंडिया ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की। कंपनी ने डीजल के दाम में लगभग 25 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 7.4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की। इस कदम ने बाजार में हलचल पैदा कर दी और उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी।


प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफा

प्रीमियम पेट्रोल हुआ महंगा


सरकारी तेल कंपनियों ने भी प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि की है। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने प्रीमियम ईंधन के दाम में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें हाल के समय में 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।


क्या देश में ईंधन की कमी है?

क्या देश में ईंधन की कमी है?


सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। युद्ध की स्थिति को देखते हुए भारत ने रूस से अधिक मात्रा में कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है और अन्य स्रोतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल सप्लाई को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।