क्या सितंबर में राहत देगा मानसून? IMD के नए आंकड़े बताते हैं कुछ और ही कहानी
नई दिल्ली में मानसून की स्थिति
नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून अभी भी सक्रिय है। इस बीच, मौसम विभाग ने कुछ आंकड़े साझा किए हैं, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि तापमान ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इसके साथ ही, सितंबर के लिए भी IMD ने अपने पूर्वानुमान जारी किए हैं।
अगस्त में वर्षा की कमी
IMD के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में देशभर में सामान्य 190.7 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 139.1 मिमी वर्षा हुई, जो कि सामान्य से 16.3 प्रतिशत कम है। दक्षिण भारत में वर्षा की कमी सबसे अधिक देखी गई, जहां सामान्य से लगभग 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
मानसून के पहले तीन महीनों में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से कम रहा है। इस अवधि में देश में सामान्य 556.2 मिमी के मुकाबले लगभग 421.6 मिमी वर्षा हुई, जो कि लगभग 13.8 प्रतिशत कम है।
अगस्त में तापमान का रिकॉर्ड
वर्षा की कमी के साथ-साथ अगस्त का तापमान भी असामान्य रूप से उच्च रहा। IMD के अनुसार, अगस्त का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.67 डिग्री अधिक है। यह 1901 के बाद अगस्त में दर्ज की गई सबसे बड़ी तापमान वृद्धि है। रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहा, जिसमें औसत न्यूनतम तापमान 24.36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.68 डिग्री ज्यादा है।
सितंबर में वर्षा का पूर्वानुमान
अब सभी की नजर सितंबर पर है, जो मानसून का अंतिम महीना होता है। IMD के अनुसार, सितंबर में देशभर में सामान्य वर्षा का लगभग 91 प्रतिशत होने की संभावना है। सितंबर की सामान्य वर्षा 167.9 मिमी मानी जाती है।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा की संभावना है। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में बेहतर वर्षा की उम्मीद जताई गई है।
सितंबर में गर्मी की स्थिति
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि सितंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में औसत तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। इसका मतलब है कि मानसून के अंतिम महीने में बारिश के साथ-साथ गर्मी भी लोगों को परेशान कर सकती है।