क्या है PM मोदी का रोश हशनाह पर दिया गया संदेश? जानें BRICS शिखर सम्मेलन में उनकी महत्वपूर्ण पहल
नई दिल्ली में PM मोदी का मानवीय संदेश
नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और मानवीय पहल की। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, वहां की जनता और वैश्विक यहूदी समुदाय को उनके नववर्ष 'रोश हशनाह' की शुभकामनाएं दीं। इस संदेश में मोदी ने राजनीतिक चर्चाओं से दूर रहकर मानवीय मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने यह कामना की कि नया साल सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य, नई उम्मीदें और निरंतर प्रगति लेकर आए।
रोश हशनाह पर शुभकामनाएं
अच्छी सेहत का संदेश
BRICS मंच पर भारत की अध्यक्षता के दौरान, पीएम मोदी ने अपने विशेष बधाई संदेश में हिब्रू भाषा के पारंपरिक अभिवादन 'शाना टोवा' का उपयोग किया। उन्होंने नेतन्याहू, इजरायल की जनता और विश्व के यहूदी समुदाय को रोश हशनाह की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। यह यहूदी धर्म का नया साल है, जिसे आत्मचिंतन, नई शुरुआत और उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह शुभकामना संदेश तब आया है जब नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को BRICS देशों की मेज़बानी कर रही है।
BRICS के लिए भारत की दृष्टि
भारत की BRICS सोच का मंत्र
पीएम मोदी ने BRICS मंच पर भारत की अध्यक्षता का मूल मंत्र साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा नीतियों और निर्णयों में आम इंसान और मानवता को प्राथमिकता दी है। इसी सोच के तहत लगभग 30 शहरों में 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं, ताकि BRICS को आम जनता से जोड़ा जा सके।
भविष्य की दिशा
आगामी दो दशकों के लिए रूपरेखा
प्रधानमंत्री ने समूह को भविष्य में और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अगले 20 वर्षों का रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अध्यक्षता बदलने के कारण नीतियों की गति धीमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एक स्थायी समीक्षा प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, जो पुराने निर्णयों के कार्यान्वयन और प्रगति पर निरंतर निगरानी रख सके। इस प्रकार, भारत की संतुलित विदेश नीति को दर्शाते हुए, कूटनीति के इस बड़े मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और सहयोग की नीति तय की जा रही है।