क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास, एक युग का अंत
रोनाल्डो का संन्यास: फुटबॉल की दुनिया में एक नया अध्याय
नई दिल्ली। फुटबॉल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से अपने संन्यास की घोषणा की है। 41 वर्षीय इस महान खिलाड़ी ने 23 वर्षों तक पुर्तगाल की टीम का प्रतिनिधित्व किया और लाखों प्रशंसकों का मनोरंजन किया। अब वह अपने देश के लिए खेलते हुए नहीं दिखाई देंगे।
रोनाल्डो ने 234 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 146 गोल किए हैं। वह पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक गोल करने वाले और सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। 2016 में, उन्होंने पुर्तगाल को यूरो कप का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रोनाल्डो नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद अपनी राष्ट्रीय टीम की नंबर-7 जर्सी को अलविदा कह देंगे।
23 वर्षों का सफर, 146 गोल और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
रोनाल्डो ने 2003 में पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था, जब उनकी उम्र केवल 18 वर्ष थी। जल्द ही, वह टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक बन गए और बाद में कप्तान की भूमिका भी निभाई। उनके करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जिन्हें तोड़ना किसी अन्य खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने 234 मैचों में 146 गोल किए हैं और पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। रोनाल्डो ने छह विश्व कप में भाग लिया है, जिसमें 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 शामिल हैं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2016 का यूरो कप खिताब शामिल है, जब पुर्तगाल ने मेज़बान फ्रांस को 1-0 से हराकर पहली बार यूरोपीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि, चोट के कारण वह फाइनल में पूरा मैच नहीं खेल सके, लेकिन कप्तान के रूप में उनका योगदान महत्वपूर्ण था। इसके बाद, पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूएफा नेशंस लीग का खिताब भी जीता।
नंबर-7 जर्सी को सौंपने का समय
रोनाल्डो ने अपने फैसले की जानकारी एक भावुक वीडियो संदेश के माध्यम से दी। उन्होंने पुर्तगाल की नंबर-7 जर्सी का जिक्र करते हुए कहा कि अब इसे लौटाने का समय आ गया है। उनके अनुसार, 23 वर्षों तक इस जर्सी को पहनना गर्व और जिम्मेदारी की बात रही। उन्होंने कहा कि यह जर्सी केवल उनकी नहीं, बल्कि पुर्तगाल और उसके लोगों की पहचान है। इतने लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए विशेष सम्मान रहा। उन्होंने कहा कि अब इस जिम्मेदारी को अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। रोनाल्डो ने यह भी स्पष्ट किया कि पुर्तगाल हमेशा उनके दिल में रहेगा। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही समाप्त हो रहा है, लेकिन क्लब फुटबॉल में उनका सफर जारी रहेगा। वह वर्तमान में सऊदी अरब के क्लब अल नासर के लिए खेल रहे हैं।
कोच जॉर्ज जीसस के साथ विवाद के बाद तनाव बढ़ा
रोनाल्डो का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पुर्तगाल की टीम में उनके और मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं। यह विवाद नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मैच से शुरू हुआ था। 27 सितंबर को ओस्लो में खेले गए इस मैच में पुर्तगाल ने 2-1 से जीत हासिल की, लेकिन रोनाल्डो को पूरे मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। मैच के बाद, वह सीधे ड्रेसिंग रूम में चले गए और अपने साथियों के साथ दर्शकों का अभिवादन भी नहीं किया। इसके बाद, उन्होंने पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप को छोड़ दिया, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर अटकलें तेज हो गईं।
रोनाल्डो ने कोच पर वादा तोड़ने का आरोप लगाया
ट्रेनिंग कैंप छोड़ने के बाद, रोनाल्डो ने लगभग 2000 शब्दों का बयान जारी कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कोच जॉर्ज जीसस ने उन्हें नॉर्वे के खिलाफ मैच में सब्स्टीट्यूट के रूप में खेलने का वादा किया था। इसी भरोसे उन्होंने वार्मअप भी शुरू किया था, लेकिन बाद में कोच ने अपना निर्णय बदल दिया।