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क्वींसलैंड में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवाइस पर प्रतिबंध

क्वींसलैंड में नए सुरक्षा कानूनों के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवाइस चलाने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय हाल ही में लिया गया है, जिसमें ई-बाइक और ई-स्कूटर चलाने के लिए लर्नर लाइसेंस की आवश्यकता होगी। इस कानून का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, खासकर पिछले कुछ वर्षों में ई-मोबिलिटी से जुड़े हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए। जानें इस नए कानून के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

नए सुरक्षा कानूनों का ऐलान


ऑस्ट्रेलिया: क्वींसलैंड राज्य में हाल ही में लागू किए गए सुरक्षा कानूनों के तहत, 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवाइस जैसे ई-बाइक और ई-स्कूटर चलाने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। यदि क्वींसलैंड की विधानसभा में यह नया कानून पारित होता है, तो बच्चों पर ई-बाइक चलाने पर प्रतिबंध जल्द ही लागू हो जाएगा। क्वींसलैंड सरकार इस सप्ताह संसद में नए कानून को पेश करने की योजना बना रही है, जिसके अनुसार सभी ई-स्कूटर और ई-बाइक चलाने वालों को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर चलाने से पहले लर्नर लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


राज्य सरकार ने बताया कि ई-मोबिलिटी सुरक्षा पर बनी संसदीय समिति की सभी 28 सिफारिशों को पूरी तरह या सिद्धांत रूप में स्वीकार कर लिया गया है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध भी शामिल है। क्वींसलैंड के परिवहन मंत्री ब्रेंट मिकेलबर्ग ने कहा कि सरकार जल्द ही इन सिफारिशों को कानून बनाने के लिए संसद में पेश करेगी।


नए नियमों के अनुसार, ई-बाइक और ई-स्कूटर चलाने के लिए क्वींसलैंड का लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा। यह लाइसेंस 16 वर्ष की आयु में दिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चालक को ट्रैफिक नियमों की जानकारी हो।


एक जांच में यह सामने आया कि 2025 में क्वींसलैंड में ई-मोबिलिटी से संबंधित हादसों में 12 लोगों की मृत्यु हुई और 6,300 लोग घायल हुए।


नए कानूनों के तहत, फुटपाथों पर ई-मोबिलिटी डिवाइस के लिए 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा भी निर्धारित की जाएगी। इसके अलावा, पुलिस को अवैध डिवाइस को जब्त करने और नष्ट करने के लिए अतिरिक्त अधिकार दिए जाएंगे, और वे चालकों का अचानक ब्रीथ टेस्ट भी कर सकेंगे।


पिछले वर्ष, ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर दुनिया का पहला प्रतिबंध लागू किया गया था। इसके तहत फेसबुक, यूट्यूब, टिकटॉक और एक्स जैसे बड़े प्लेटफार्मों को ऐसे बच्चों के अकाउंट बनाने से रोकने का निर्देश दिया गया था।


प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि यह कदम उन बच्चों की मदद के लिए उठाया गया है, जो एल्गोरिदम और लगातार चलने वाली सोशल मीडिया फीड के दबाव में बड़े हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि वे छुट्टियों का सही उपयोग करें और पूरा समय मोबाइल पर न बिताएं।