खंडवा का अद्भुत मंदिर: चंद्रग्रहण में भी खुला रहता है श्रद्धालुओं के लिए
चंद्रग्रहण के दौरान मंदिरों की बंदी
खंडवा: आज देशभर में लगने वाले चंद्रग्रहण को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। सूतक काल की परंपराओं के अनुसार, भारत के अधिकांश मंदिर, शक्तिपीठ और ज्योतिर्लिंग दर्शन और पूजा के लिए बंद रहेंगे। लेकिन एक विशेष मंदिर ऐसा है, जिसका चंद्रग्रहण या सूर्य ग्रहण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह मंदिर 24 घंटे और सातों दिन श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है, जहां पूजा और आरती का क्रम बिना किसी रुकावट के चलता रहता है।
ग्रहण का सूतक काल नहीं होता प्रभावी
हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध अवधूत संत दादाजी धूनीवाले मंदिर की। इस पवित्र स्थल पर सूर्य या चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं होता। ग्रहण के समय भी यहां भक्तों की संख्या में कोई कमी नहीं आती, और वे अपने आराध्य दादाजी के दर्शन का लाभ उठाते हैं। मंदिर के सेवादार नियमित रूप से श्री केशवानंद जी महाराज और श्री हरिहरानंद जी महाराज की समाधियों पर पूजा और आरती का कार्य करते हैं।
छोटे दादाजी के नियमों का पालन
श्री दादाजी मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, मंगलवार को होने वाले चंद्रग्रहण के दौरान भी मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खुले रहेंगे। इस मंदिर की व्यवस्था छोटे दादाजी के समय से निर्धारित नियमों के अनुसार चलती है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में ग्रहण के समय कोई बदलाव नहीं किया जाता, जिससे भक्तों की आस्था हमेशा बनी रहती है।
दादाजी महाराज का आध्यात्मिक महत्व
इस मंदिर में ग्रहण का प्रभाव न होने का एक गहरा आध्यात्मिक कारण है। छोटे दादाजी के समय लिखी गई पवित्र पुस्तक ‘केशव विनय’ में दादाजी महाराज को भगवान दत्तात्रेय का अवतार और सभी देवी-देवताओं का एक रूप माना गया है। इस स्थिति में सूर्य, चंद्र और नवग्रहों को परमात्मा के अधीन माना जाता है। मंदिर के ट्रस्टी सुभाष नागोरी ने बताया कि यहां ग्रहण का कोई असर नहीं होता और दर्शन का क्रम निरंतर जारी रहता है।