खन्ना ने हृदय वाल्व और पेसमेकर दान के लिए राष्ट्रीय नीति की मांग की
हृदय वाल्व और पेसमेकर दान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता
होशियारपुर: पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता अविनाश राय खन्ना ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने देश में हृदय वाल्व दान को बढ़ावा देने और पेसमेकरों के नैतिक पुनः उपयोग के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की है।
ज्ञापन में खन्ना ने बताया कि जैसे नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है, उसी तरह हृदय वाल्व और पेसमेकर दान के लिए भी जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर साल हजारों मरीज गंभीर हृदय रोगों से ग्रसित होते हैं, जिनके लिए दान किए गए हृदय वाल्व बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन इस विषय पर समाज में जागरूकता की कमी है।
खन्ना ने यह भी उल्लेख किया कि हर साल कई लोग ऐसे होते हैं जिनके शरीर में लगे पेसमेकरों की बैटरी में अभी भी काफी क्षमता होती है। वैज्ञानिक परीक्षण और स्टरलाइजेशन के बाद इन पेसमेकरों का पुनः उपयोग किया जा सकता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर हृदय रोगियों को नया जीवन मिल सकता है। वर्तमान में पेसमेकरों की कीमत लाखों रुपये है, जिससे कई मरीज समय पर उपचार नहीं करवा पाते।
उन्होंने कहा कि भारत और अन्य देशों में किए गए शोध से यह साबित हुआ है कि मानकों के अनुसार पुनः तैयार किए गए पेसमेकर सुरक्षित और प्रभावी होते हैं। इसके बावजूद, देश में इनके पुनः उपयोग के लिए कोई स्पष्ट नियम या जागरूकता अभियान नहीं है। खन्ना ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएं और स्वास्थ्य मंत्रालय, आई.सी.एम.आर., नोट्टो, सी.डी.एस.सी.ओ. और प्रमुख हृदय चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से राष्ट्रीय नीति बनाने की सिफारिश करें।
उन्होंने सुझाव दिया कि नेत्रदान और अंगदान अभियानों के साथ-साथ हृदय वाल्व और पेसमेकर दान को भी राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन जीवनरक्षक संसाधनों के दान के लिए प्रेरित हों। खन्ना ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो इससे हजारों जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी।