खाना पकाने का शौक: एक आकर्षक करियर विकल्प
खाना पकाने का करियर: एक नई दिशा
नई दिल्ली: खाना बनाना और दूसरों को खिलाना कई लोगों के लिए एक शौक है, और आजकल सोशल मीडिया पर लोग अपने कुकिंग वीडियो साझा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाना पकाना अब केवल एक घरेलू काम नहीं रह गया है? यह एक तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प बन चुका है। वर्तमान में कई प्रोफेशनल कोर्स उपलब्ध हैं, जो आपकी कुकिंग क्षमताओं को निखारकर आपको एक सफल शेफ बना सकते हैं। यदि आप इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो यह जानना आवश्यक है कि आपको कौन सा कोर्स करना होगा और एक बेहतरीन नौकरी कैसे प्राप्त की जा सकती है।
होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटेलिटी में अवसर
होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र में कई बेहतरीन कोर्स आजकल युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। हाल के वर्षों में इस उद्योग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। शेफ बनने की इच्छा रखने वालों के लिए होटल मैनेजमेंट में बीएससी, कैटरिंग साइंस और होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोडक्शन और पैटिसरी, डिप्लोमा इन कलनरी आर्ट्स, और बीए इन कलनरी आर्ट्स जैसे कोर्स की मांग बढ़ी है। युवा अपनी सुविधा के अनुसार इन कोर्सेज का चयन कर सकते हैं, जिनकी अवधि छह महीने से लेकर तीन या चार साल तक होती है।
12वीं के बाद कुकिंग कोर्स में दाखिला कैसे लें?
एक सफल शेफ बनने के लिए होटल मैनेजमेंट की बारीकियों को समझना आवश्यक है। आप किसी भी विषय में ग्रेजुएशन करने के बाद कलनरी में एमए कर सकते हैं, लेकिन यदि आप स्कूल खत्म करने के तुरंत बाद इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। देश के प्रमुख सरकारी होटल मैनेजमेंट कॉलेजों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को एक एंट्रेंस परीक्षा देनी होती है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आयोजित करती है। इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को तीन साल के प्रतिष्ठित कोर्स में दाखिला मिलता है। इसके अलावा, कई प्राइवेट संस्थानों से कुकिंग या कैटरिंग से जुड़े सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स भी किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षण से लेकर 40 लाख तक की सैलरी
किताबी ज्ञान के बाद असली चुनौती तब शुरू होती है जब छात्रों को बड़े होटलों में प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। इस दौरान उन्हें असली किचन के दबाव, समय प्रबंधन और काम करने के तरीकों की सख्त प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। करियर की शुरुआत में उन्हें जूनियर शेफ के रूप में काम करना होता है, लेकिन जैसे-जैसे उनका अनुभव बढ़ता है, वे 'हेड शेफ' के पद तक पहुंच जाते हैं। सैलरी की बात करें तो एक शेफ की कमाई पूरी तरह से उसके अनुभव और कौशल पर निर्भर करती है। शुरुआत में एक फ्रेशर शेफ को 20 से 40 हजार रुपये महीने की सैलरी मिल सकती है, जबकि अनुभवी शेफ को बड़े होटलों में 40 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज भी मिल सकता है।