गंगा सफाई मिशन: सीवेज परियोजनाओं की प्रगति पर चिंता
नमामि गंगे मिशन की सीवेज परियोजनाओं की स्थिति
गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए चल रहे नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत सीवेज सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए कई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन निर्धारित लक्ष्य अब तक हासिल नहीं हो सके हैं। सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि इस योजना के तहत 35,794 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 218 सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इनका उद्देश्य 6,610 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता विकसित करना था। हालांकि, मार्च 2026 तक केवल 145 परियोजनाएं पूरी हो पाई हैं, जो 4,260 MLD क्षमता प्रदान करती हैं।
अब तक स्वीकृत सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में से लगभग 64% ही कार्यान्वित हो पाई है, जबकि 35% कार्य अभी भी शेष है। इसके अलावा, जनवरी 2026 तक गंगा बेसिन के पांच राज्यों में 23 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बंद पाए गए, जिनकी कुल क्षमता 181 MLD है।
218 परियोजनाओं की कुल लागत 35,794 करोड़
सरकार के अनुसार, नमामि गंगे मिशन के पहले चरण (NGM-I) में 147 और दूसरे चरण (NGM-II) में 71, कुल 218 सीवेज परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनकी कुल लागत लगभग 35,794 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गंगा और उसकी सहायक नदियों में गिरने वाले गंदे पानी का उपचार करके नदी के प्रदूषण को कम करना है। हालांकि, अब तक इनमें से केवल 145 परियोजनाएं ही पूरी हो पाई हैं, जो 4,260 MLD सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता प्रदान करती हैं।
23 STP बंद, 5 राज्यों में स्थिति
राज्यसभा में सरकार ने बताया कि जनवरी 2026 तक सबसे अधिक बंद STP उत्तर प्रदेश में 9 पाए गए। इसके बाद उत्तराखंड में 7, पश्चिम बंगाल में 4 और बिहार में 3 STP नॉन-ऑपरेशनल थे। झारखंड में कोई STP बंद नहीं था। इन पांच राज्यों के कुल 23 बंद STP की पानी साफ करने की क्षमता 181 MLD है। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये प्लांट स्थायी कारणों से नहीं, बल्कि मौसम, रखरखाव और अन्य तकनीकी या परिचालन कारणों से कुछ समय के लिए बंद थे।
21,339.57 करोड़ रुपये का फंड जारी
सरकार का कहना है कि गंगा से संबंधित अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने कई उपाय किए हैं। इनमें डिजिटल निगरानी प्रणाली, नियमित समीक्षा बैठकें, स्वतंत्र परियोजना इंजीनियर और थर्ड पार्टी निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
फंड के संदर्भ में, सरकार के अनुसार 2014-15 से 2025-26 के बीच नमामि गंगे कार्यक्रम के लिए 26,111.86 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इनमें से 30 जून 2026 तक विभिन्न एजेंसियों को 21,339.57 करोड़ रुपये की शुद्ध राशि जारी की जा चुकी है।