गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित
गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन की घटना
गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन: उत्तरकाशी-टिहरी सीमा के नगुण क्षेत्र में एक गंभीर भूस्खलन ने गंगोत्री हाईवे को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। इस घटना के कारण हाईवे पर दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन और लगातार गिरते पत्थरों ने सड़क को खोलने के प्रयासों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
डबरानी में भूस्खलन के प्रभाव
गंगोत्री हाईवे पर डबरानी के निकट हुए भूस्खलन ने सड़क को लगभग चार घंटे तक बंद रखा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीनरी की कड़ी मेहनत के बाद मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया, “भूस्खलन धीरे-धीरे शुरू हुआ, जिससे गाड़ियों को रोकने का निर्णय लिया गया। यदि अचानक मलबा गिरता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।” साफ मौसम के बावजूद पहाड़ियों से मलबा गिरने की घटनाएं जारी हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और बीआरओ के लिए चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
हर्षिल में सड़क बहाली के प्रयास
हर्षिल क्षेत्र में सड़क बहाली: हर्षिल क्षेत्र में तेलगाड के पास ह्यूमपाईप का उपयोग कर गंगोत्री हाईवे को फिर से खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही, हर्षिल झील में डूबी सड़क को मलबा डालकर पुनर्जीवित करने का कार्य भी चल रहा है। भागीरथी नदी के कटाव से सड़क को सुरक्षित रखने के लिए वायरक्रेट दीवारों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। ये प्रयास न केवल स्थानीय निवासियों के लिए, बल्कि भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा और गंगोत्री धाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
भूस्खलन से प्रशासन की चुनौतियाँ
बार-बार भूस्खलन: साफ मौसम में भी बार-बार हो रहे भूस्खलन ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चार दिन पहले डबरानी में मलबा गिरने से दो स्थानीय युवकों की दुखद मौत हो गई थी। हाल ही में नगुण और डबरानी में हुए भूस्खलन ने हाईवे को कई घंटों तक बंद रखा। बीआरओ और स्थानीय प्रशासन लगातार मलबा हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने में लगे हुए हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में गिरते बोल्डर इस कार्य को कठिन बना रहे हैं।
राहत सामग्री और यातायात की स्थिति
राहत सामग्री की आपूर्ति: भूस्खलन के बाद हर्षिल घाटी में राहत सामग्री पहुंचाने में देरी हुई, लेकिन बीआरओ की मेहनत से डबरानी में आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। हर्षिल झील और तेलगाड में सड़क बहाली के प्रयासों से उम्मीद है कि जल्द ही गंगोत्री धाम और सीमावर्ती क्षेत्रों में यातायात सामान्य हो जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।