गणतंत्र दिवस 2026: यूरोपीय संघ के नेताओं की उपस्थिति से बढ़ेगा भारत-ईयू संबंधों का महत्व
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस: एक नई कूटनीतिक दिशा
नई दिल्ली: भारत का 77वां गणतंत्र दिवस समारोह 2026 को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इस बार, भारत सरकार ने इस ऐतिहासिक दिन पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा को भेजा गया निमंत्रण भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में नई मजबूती
गणतंत्र दिवस 2026 पर यूरोपीय संघ के दोनों प्रमुख नेताओं की संभावित उपस्थिति यह संकेत देती है कि भारत अब यूरोपीय संघ को विभिन्न देशों के समूह के बजाय एक एकीकृत रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है। यह कदम भारत और ईयू के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की मंशा को स्पष्ट करता है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह निमंत्रण आगामी आर्थिक वार्ताओं और लंबे समय से अटके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर सकता है, जिन पर जनवरी 2026 में महत्वपूर्ण चर्चा प्रस्तावित है।
गणतंत्र दिवस 2026 का विशेष विषय
गणतंत्र दिवस 2026 का मुख्य विषय 'वंदे मातरम' रखा गया है, जो राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के प्रकाशन के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इसे 1875 में प्रकाशित किया गया था। इसके साथ ही 'आत्मनिर्भर भारत' को द्वितीयक विषय के रूप में शामिल किया गया है, जो देश की स्वदेशी क्षमता, आत्मनिर्भरता और नवाचार की भावना को दर्शाएगा। परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इन दोनों विषयों की झलक साफ दिखाई देगी।
कर्तव्य पथ पर ऐतिहासिक परेड
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड कई मायनों में विशेष होगी। पहली बार कर्तव्य पथ पर सेना के पशु दल मार्च करते नजर आएंगे। इसमें बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर टट्टू, प्रशिक्षित शिकारी पक्षी और स्वदेशी कुत्तों की नस्लें जैसे मुधोल और राजपालयम शामिल होंगी। यह परेड भारतीय सेना की विविध क्षमताओं और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करेगी, जो दर्शकों के लिए एक अनोखा अनुभव होगी।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में आम नागरिकों की भागीदारी को और बढ़ावा दिया जा रहा है। 'मायभारत' पोर्टल के माध्यम से देशभर के नागरिक वंदे मातरम गायन, निबंध लेखन और अन्य गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवाओं और नागरिकों को राष्ट्रीय उत्सव से भावनात्मक रूप से जोड़ना है।
टिकट और प्रवेश व्यवस्था
गणतंत्र दिवस परेड के लिए टिकट 5 जनवरी 2026 से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। आमंत्रण पोर्टल के जरिए ₹20 और ₹100 की श्रेणी में टिकट खरीदे जा सकेंगे। टिकट बिक्री 14 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन सकें।