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गर्मी का कहर: भारत में मौसम में आएगा बड़ा बदलाव, जानें क्या है पूर्वानुमान

भारत में मौसम में बदलाव की चेतावनी दी गई है, जहां एक ओर गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 अप्रैल से तापमान में वृद्धि और लू के थपेड़ों की चेतावनी दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गर्मी बढ़ने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है। जानें और क्या कहता है मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान।
 

गर्मी की वापसी


नई दिल्ली: अप्रैल की शुरुआत में मिली थोड़ी राहत अब समाप्त होती नजर आ रही है, और गर्मी फिर से अपना असर दिखाने लगी है। कई क्षेत्रों में तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मौसम में हो रहे बदलावों के बीच सतर्क रहना आवश्यक है।


मौसम में बदलाव के संकेत

भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 14 अप्रैल से मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी में तेजी आएगी, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।


ऊपरी हवाओं का प्रभाव

मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान और राजस्थान के आस-पास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा, बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से और असम के मध्य भाग में भी मौसमी गतिविधियां जारी हैं।


पूर्व-पश्चिम ट्रफ उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक फैला हुआ है, और बिहार से तमिलनाडु तक सक्रिय उत्तर-दक्षिण ट्रफ भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही, उत्तर-पश्चिम भारत में तेज रफ्तार वाली सब-ट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम सक्रिय है। 15 अप्रैल की रात से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ भी पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।


तापमान में वृद्धि

देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।


मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी तापमान में 2 से 5 डिग्री की वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में, महाराष्ट्र के अकोला में 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।


लू का खतरा

14 से 19 अप्रैल के बीच सौराष्ट्र-कच्छ, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हीटवेव चलने की संभावना है।


बिहार, ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया जाएगा।


पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश

पूर्वोत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बारिश होगी।


कुछ क्षेत्रों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना है।


जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 17 से 19 अप्रैल के बीच बारिश और आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है।


दिल्ली में गर्मी का बढ़ता असर

दिल्ली में अगले पांच दिनों में तापमान लगातार बढ़ेगा। अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे गर्मी का प्रभाव बढ़ जाएगा।


अगले 24 घंटों में तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी, जबकि रात में भी तापमान में 3 से 4 डिग्री की वृद्धि के कारण गर्मी महसूस होगी। फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन उमस बढ़ सकती है।


उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की स्थिति

उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य के आसपास है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें 2 से 4 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं चलेंगी। फिलहाल किसी बड़े बारिश सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं।


उत्तराखंड में 17 और 18 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल छाए रहने से तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है।


बिहार-झारखंड में उमस की समस्या

बिहार में तापमान धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री तक बढ़ेगा और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान करेगा। हवा में नमी अधिक रहने से गर्मी अधिक महसूस होगी।


झारखंड में 17 और 18 अप्रैल को हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादल राहत दे सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का प्रभाव बना रहेगा।


मौसम का दोहरा चेहरा

कुल मिलाकर 14 अप्रैल के बाद देश का मौसम दो अलग-अलग तस्वीरें पेश करेगा। एक ओर पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और आंधी-तूफान से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर मैदानी और मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है।