गर्मी की तीव्रता में वृद्धि: IMD का मौसम पूर्वानुमान
गर्मी का मौसम जल्दी आएगा
इस वर्ष देश में गर्मी का आगमन जल्दी और अधिक तीव्रता के साथ होगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मार्च से मई तक के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, इस अवधि में अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। कई स्थानों पर लू के दिनों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है, जिससे नागरिकों और किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
तापमान में वृद्धि की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च से मई के बीच दिन का अधिकतम तापमान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हो सकता है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य या थोड़ा कम भी रह सकता है।
रात का न्यूनतम तापमान भी अधिकांश स्थानों पर सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे रात में भी लोगों को राहत नहीं मिलेगी। दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों और अन्य स्थानों पर रात का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
दिन और रात दोनों समय अधिक गर्मी रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
लू का खतरा बढ़ेगा
IMD ने चेतावनी दी है कि इस बार लू (हीटवेव) के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक हो सकती है। पूर्वी और पूर्व-मध्य भारत के कई राज्यों में लू का प्रभाव अधिक रहेगा। दक्षिण-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में भी लू के दिनों की संख्या बढ़ सकती है। जब तापमान 40°C या उससे अधिक पहुंच जाता है और गर्म हवा चलती है, तो इसे लू कहा जाता है, जो लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।
मार्च का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में देश के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम भी रह सकता है। लेकिन पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत के आसपास के क्षेत्र, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और मध्य व दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
मार्च में रात का तापमान भी अधिकांश स्थानों पर सामान्य से अधिक रह सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत, दक्षिण भारत और पूर्वी तटीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में यह सामान्य या कम रह सकता है।
फसलों और स्वास्थ्य पर प्रभाव
दिन और रात दोनों समय अधिक गर्मी रहने से फसलों की वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से गेहूं, सब्जियों और अन्य रबी फसलों को नुकसान का खतरा हो सकता है। किसानों को सिंचाई और फसल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.