गर्मी की दस्तक: मार्च में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना
गर्मी का असर बढ़ता हुआ
नई दिल्ली: मार्च की शुरुआत होते ही देश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 मार्च 2026 को भारत के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः गर्म और शुष्क रहने की संभावना है। कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों समेत कई क्षेत्रों में 10 मार्च तक तापमान में वृद्धि जारी रह सकती है। फिलहाल, किसी बड़ी सक्रिय मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण अगले कुछ दिनों तक अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।
प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति
देश के कई बड़े शहरों में तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। राजधानी दिल्ली सहित अन्य महानगरों में दिन का तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम साफ से आंशिक बादल वाला रहने की उम्मीद है, लेकिन धूप तेज रहेगी और उमस का अनुभव भी हो सकता है।
कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भी दिन का तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, रात का तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
गर्मी का प्रभाव कई राज्यों में
देश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में गर्मी का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुछ पूर्वी क्षेत्रों में हल्की धूल भरी आंधी या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है, हालांकि अधिकांश स्थानों पर मौसम गर्म और शुष्क रहने वाला है।
गर्म रातों का अनुभव
देश के कई शहरों में अब रातें भी गर्म महसूस होने लगी हैं। हाल के दिनों में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस रहा।
इस दौरान 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण कई स्थानों पर लू जैसे थपेड़ों का अनुभव भी हुआ। अधिक आर्द्रता और ऊंचे न्यूनतम तापमान के कारण रातें भी अपेक्षाकृत गर्म महसूस हो रही हैं।
वायु गुणवत्ता में गिरावट
गर्मी के साथ-साथ कई शहरों में वायु गुणवत्ता भी बिगड़ती जा रही है। रविवार शाम करीब 7:15 बजे कई स्थानों पर औसत AQI 233 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। कुछ क्षेत्रों में AQI का स्तर 920 तक पहुंच गया, जिसे स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक खतरनाक माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण सांस और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
गर्मी के दौरान लू का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मार्च से मई के बीच औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल और मई के महीनों में देश के कई हिस्सों में लू के दिनों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए लोगों को अभी से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
गर्मी का असर बढ़ता हुआ
देश के कई क्षेत्रों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि हो सकती है।
यदि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचता है, तो मौसम विभाग की ओर से हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया जा सकता है।