गर्मी से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव: विशेषज्ञ की चेतावनी
दिल्ली में गर्मी का कहर
दिल्ली, 29 अप्रैल। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। लोग अक्सर गर्मी को सिरदर्द या चक्कर आने से जोड़ते हैं, लेकिन मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक अरोड़ा ने एक गंभीर चेतावनी दी है। उनके अनुसार, अत्यधिक गर्मी मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। पसीने के माध्यम से सोडियम और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स का नुकसान शरीर में गंभीर जकड़न और कमजोरी का कारण बन रहा है।
मांसपेशियों के टूटने से किडनी पर खतरा
मांसपेशियों के टूटने से किडनी फेलियर का डर
डॉ. अरोड़ा ने 'रैब्डोमायोलिसिस' नामक एक गंभीर स्थिति के बारे में बताया। यह तब होती है जब अत्यधिक गर्मी और पानी की कमी के कारण मांसपेशियां टूटने लगती हैं। मांसपेशियों के टूटने से निकलने वाले विषैले तत्व रक्त में मिलकर किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। यदि पेशाब का रंग गहरा भूरा या कोला जैसा हो रहा है और मांसपेशियों में असहनीय दर्द हो रहा है, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी का संकेत है। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।
गाउट और जोड़ों का दर्द
गाउट और जोड़ों का दर्द
गर्मी का प्रभाव केवल मांसपेशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुराने दर्द को भी बढ़ा रहा है। डिहाइड्रेशन के कारण रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में सूजन और गाउट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। जोड़ों में अचानक तेज जलन और दर्द इसी का परिणाम है। डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग इस मौसम में धूप में भारी व्यायाम कर रहे हैं, उनके शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
बचाव के उपाय और वर्कआउट की नई गाइडलाइन
बचाव के उपाय और वर्कआउट की नई गाइडलाइन
इस भीषण गर्मी से बचने के लिए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। जिम जाने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल ठंडे स्थानों में व्यायाम करें और साथ में ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स का सेवन करें। संतुलित आहार और पूरे दिन पर्याप्त पानी पीना इस हीटवेव से बचने का एकमात्र उपाय है। किसी भी प्रकार के मसल क्रैम्प या लगातार थकान को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।