गाजियाबाद में अग्निशामक सेवाओं की नई पहल: हॉटस्पॉट्स से रिस्पांस टाइम में कमी
गर्मी में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि
गाजियाबाद : जैसे-जैसे गर्मी का मौसम शुरू होता है, आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। गाजियाबाद में प्रतिदिन आग लगने की नई घटनाएं सामने आ रही हैं। वर्तमान में, शहर में पांच फायर स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें कोतवाली, वैशाली, साहिबाबाद, मोदीनगर और लोनी शामिल हैं। हालांकि, शहर के विस्तार और जनसंख्या वृद्धि के कारण कई क्षेत्रों में फायर स्टेशनों से घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए अग्निशमन विभाग ने एक नई रणनीति अपनाई है।
नई रणनीति के तहत हॉटस्पॉट्स की पहचान
नई योजना के अनुसार, फायर स्टेशनों के अलावा हॉटस्पॉट्स को भी चिन्हित किया गया है। फायर स्टेशन पर फायर टेंडर तो होते हैं, लेकिन अब हॉटस्पॉट्स पर भी फायर टेंडर तैनात किए गए हैं। इन हॉटस्पॉट्स को इस तरह से चिन्हित किया गया है कि घटनास्थल पर पहुंचने में देरी न हो। उदाहरण के लिए, क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र को फायर स्टेशन कोतवाली के अंतर्गत रखा गया है, लेकिन दोनों के बीच की दूरी काफी अधिक है। ऐसे में यदि क्रॉसिंग रिपब्लिक में आग लगती है, तो फायर स्टेशन कोतवाली से फायर टेंडर पहुंचने में समय लग सकता है।
हॉटस्पॉट्स की तैनाती से मिली सफलता
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग ने क्रॉसिंग रिपब्लिक में हॉटस्पॉट्स चिन्हित कर फायर टेंडर तैनात किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा जा सके। इसी तरह, मुरादनगर क्षेत्र में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। मोदीनगर फायर स्टेशन से मुरादनगर पहुंचने में लगभग 20 मिनट लगते हैं। इस देरी को कम करने के लिए मुरादनगर में भी हॉटस्पॉट स्थापित किया गया है, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात रहती है।
अग्निशामक विभाग की तैयारी
हाल ही में मुरादनगर की एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना ने इस व्यवस्था की उपयोगिता को साबित किया है। जैसे ही आग लगने की सूचना मोदीनगर फायर स्टेशन को मिली, तुरंत हॉटस्पॉट पर तैनात फायर टेंडर को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इस नई पहल से बचाव कार्य में देरी नहीं हुई और समय पर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू हो गई। अग्निशमन विभाग ने मुरादनगर, टीला मोड़, रूप नगर, क्रॉसिंग रिपब्लिक, कचहरी और काला पत्थर में हॉटस्पॉट स्थापित किए हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी की टिप्पणी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के अनुसार, गर्मी के कारण गाजियाबाद में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए, अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारी को और मजबूत किया है और रिस्पांस टाइम कम करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। जिले में कुल 6 हॉटस्पॉट बनाए गए हैं, जहां फायर टेंडर और अग्निशमन विभाग की टीम मौजूद रहती है। हॉटस्पॉट व्यवस्था के माध्यम से रिस्पांस टाइम में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि आवश्यकता पड़ी, तो और हॉटस्पॉट भी चिन्हित किए जाएंगे।