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गाजियाबाद में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में भीषण आग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

गाजियाबाद में एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में सोमवार शाम को भीषण आग लग गई, जिससे तीन मंजिला इमारत प्रभावित हुई। आग की लपटें तेजी से फैलीं, और धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर तक देखा गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एनसी मशीन का अधिक गर्म होना बताया गया है। कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे, और आशंका है कि 20 से अधिक लोग अंदर फंसे हुए हैं। दमकल और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
 

गाजियाबाद में आग का भयानक मंजर


गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: सोमवार की शाम को बुलंदशहर रोड स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में भीषण आग लग गई। यह आग इतनी तेजी से फैली कि कंपनी की तीन मंजिला इमारत इसकी चपेट में आ गई। आग के धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक देखा गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।


आग लगने का समय लगभग 4:30 बजे था। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि कंपनी में लगी एनसी मशीन अचानक अधिक गर्म हो गई, जिसके कारण आग लग गई। देखते ही देखते, आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। कंपनी में पंखे और लाइट जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाए जाते हैं।


रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी

फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। हादसे के समय कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे, और आशंका जताई जा रही है कि अंदर 20 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। दमकल और प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।


मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि आग बुझाने के लिए शुरुआत में छह दमकल गाड़ियां भेजी गई थीं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए गाजियाबाद के सभी फायर स्टेशनों से गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। इसके अलावा, नोएडा, हापुड़ और बुलंदशहर से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई गई हैं। वर्तमान में लगभग 25 दमकल गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी हैं।


प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कंपनी के आसपास खड़े अमोनिया गैस से भरे करीब 20 टैंकरों को भी हटवा दिया है। इन टैंकरों को एक किलोमीटर दूर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।


आसपास के इलाके में दहशत

कंपनी एनएच-24 से सटे इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है। आग लगने की घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।