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गाजियाबाद में पोलियो वायरस की पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

गाजियाबाद में पोलियो वायरस की पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। 6,000 घरों का सर्वेक्षण किया गया है, जिसमें 1,500 बच्चों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों के टीकाकरण की स्थिति का आकलन कर रही हैं। जानें इस स्थिति पर अधिकारियों की क्या राय है और आगे की रणनीति क्या होगी।
 

स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता


गाजियाबाद में पोलियो वायरस की पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य के उच्च अधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सचिन चंद्र वैश्य के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में 6,000 से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 1,500 से अधिक बच्चों की जांच की गई।


बैठक में शामिल अन्य अधिकारियों में संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील तालियान और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता भी शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति का विस्तृत आकलन करने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग की 107 टीमें जिले के 12 चिन्हित क्षेत्रों में जाकर बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की जांच कर रही हैं। ये टीमें प्रत्येक बच्चे के पोलियो टीकाकरण और खुराक लेने की जानकारी एकत्र कर रही हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में कुल लगभग डेढ़ लाख बच्चों का सर्वेक्षण किया जाना है।


इसके अतिरिक्त, दूसरे जिलों और राज्यों से आने-जाने वाले बच्चों का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को संदेह है कि नियमित टीकाकरण में किसी प्रकार की लापरवाही के कारण वायरस की उपस्थिति हो सकती है। इस संदर्भ में, बृहस्पतिवार को मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों का विशेष डेटा एकत्र किया गया। अधिकारियों का कहना है कि सर्वेक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।