गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर कब्जे की साजिश का खुलासा, DM ने की कार्रवाई
गाजियाबाद में सरकारी भूमि पर कब्जा
गाजियाबाद: मसूरी थाना क्षेत्र के डासना इलाके में लगभग ढाई सौ बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। दिल्ली-मुरादाबाद हाइवे पर स्थित इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर इस सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि दो महीने पहले जिला प्रशासन को शिकायत मिली थी कि डासना स्थित सरकारी भूमि के राजस्व अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियां की गई हैं, जिसके माध्यम से अवैध दावा किया जा रहा है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि सरकारी है और इसमें गलत एंट्री कर कब्जा करने की कोशिश की गई थी।
इस मामले में प्रशासन ने एसडीएम कोर्ट में धारा 145 के तहत वाद दायर किया है। वर्तमान में भूमि पर यथा स्थिति बनाए रखने के लिए स्टे लागू किया गया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मुनादी कर लोगों को चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति जमीन पर निर्माण कार्य न करें और न ही उसके स्वरूप में किसी प्रकार का बदलाव करने का प्रयास करें। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जमीन की फर्जी रजिस्ट्री की गई थी। पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी ने एसआईटी का गठन किया है। यह टीम जांच करेगी कि सरकारी रिकॉर्ड में कथित फर्जी एंट्री किस स्तर पर और किन लोगों की मिलीभगत से की गई थी। SIT में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे और दस्तावेजों के फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।