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गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच संदिग्ध आतंकियों को किया गिरफ्तार

गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विभिन्न जिलों में चलाए गए अभियान के दौरान की गई। गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पिछले महीने गिरफ्तार किए गए आठ अन्य संदिग्धों से पाया गया है। ATS की जांच जारी है, जिसमें इनकी भूमिका और संभावित साजिश का दायरा जानने का प्रयास किया जा रहा है। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
 

गुजरात में आतंकवाद निरोधी कार्रवाई

अहमदाबाद: गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी राज्य के विभिन्न जिलों में चलाए गए अभियान के दौरान की गई।


गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अयूब काडीवाल उर्फ मोहम्मद खड़ियासन, मोहम्मद शफी मुखी उर्फ शफी चापी, मोहम्मद हसन क. राडिया उर्फ हसन हैदरपुरी और मोहम्मद अयूब सुमासरा उर्फ मोहम्मद खली के रूप में हुई है।


Gujarat ATS have arrested five more accused associated with the terror organisation Jaish-e-Mohammed from various districts of the state

The arrested accused are – Bilal Abid Shera, Mohammed Aiyub Kadiwal aka Mohammed Khadiyasan, Mohammed Shafi Mukhi aka Shafi Chapi, Mohammed… pic.twitter.com/BypxsLm2TD

— News Media (@NewsMedia) July 17, 2026



एटीएस के अनुसार, इन पांच संदिग्धों का संबंध पिछले महीने गिरफ्तार किए गए आठ अन्य आरोपियों से पाया गया है। जांच एजेंसियां इनकी भूमिका और आपसी संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।


गुजरात ATS का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद लंबे समय से राज्य में अपना नेटवर्क और कथित स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या कुछ स्थानीय लोगों को संगठन से जोड़कर उसकी गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास किया गया।


एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक हर्ष उपाध्याय ने बताया कि पहले गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर इन पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मिले साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है।


गुजरात में पहले भी आतंकी गतिविधियों के मामले सामने आते रहे हैं। वर्ष 2008 में अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 50 से अधिक लोगों की जान गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। जांच एजेंसियां इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए राज्य में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और संभावित स्लीपर सेल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।


फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार संदिग्धों की भूमिका, नेटवर्क और संभावित साजिश का दायरा कितना व्यापक था।