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गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक का मामला

गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में BAMS तृतीय व्यावसायिक वर्ष की परीक्षा से पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों के लीक होने के आरोपों ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। वायरल हुए प्रश्नों की समानता ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
 

गुजरात में पेपर लीक का नया मामला

नई दिल्ली। NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर विवाद अभी थमा नहीं है। इसी क्रम में, गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर में भी परीक्षा से पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों के लीक होने के आरोपों ने शिक्षा क्षेत्र में हलचल मचा दी है। BAMS तृतीय व्यावसायिक वर्ष की एम.एस. (शल्य तंत्र-1) विषय की परीक्षा से पहले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न व्हाट्सएप पर वायरल होने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है।


मामले का विवरण

20 जुलाई को BAMS तृतीय व्यावसायिक वर्ष की एम.एस. (शल्य तंत्र-1) परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और विषय व्हाट्सएप पर तेजी से फैल गए थे।


सोशल मीडिया पर समानता का दावा

12 में से 11 प्रश्नों का मेल: वायरल हुए बिंदुओं और वास्तविक प्रश्नपत्र में समानता का दावा किया जा रहा है। चर्चा है कि वायरल हुए 12 महत्वपूर्ण बिंदुओं में से 11 प्रश्न परीक्षा में पूछे गए। इस खुलासे ने परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जांच समिति का गठन

गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक एच.पी. झाला ने बताया कि परीक्षा निर्धारित समय पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई थी। हालांकि, शाम को सूचना मिली कि परीक्षा से पहले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न व्हाट्सएप पर प्रसारित किए गए थे। इस सूचना के बाद कुलपति के साथ आपात बैठक की गई और जांच के लिए विशेष समिति का गठन किया गया।


जांच समिति की जिम्मेदारी

विशेष समिति वायरल संदेशों, प्रश्नपत्र, परीक्षा से जुड़े अन्य दस्तावेजों और सभी संबंधित पहलुओं की गहन जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी। एच.पी. झाला ने कहा कि अभी तक किसी भी प्रकार का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। यदि जांच में किसी की संलिप्तता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


जांच रिपोर्ट पर नजरें

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय से जुड़े लगभग 20 से 25 कॉलेजों के विद्यार्थियों की अन्य विषयों की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। NEET विवाद के बाद अब गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में परीक्षा से पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों के वायरल होने की घटना ने राज्य की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की निगाहें विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।