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गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर, ऊर्जा सुरक्षा को मिली मजबूती

गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'जग लाडकी' सुरक्षित रूप से पहुंच गया है। यह टैंकर हार्मुज जलडमरूमध्य से भारत आने वाला तीसरा जहाज है, जिसमें 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लदा है। इस घटनाक्रम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है, खासकर जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है। सरकार ने इस मामले पर सक्रियता दिखाई है और अन्य भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।
 

भारतीय टैंकर 'जग लाडकी' की सुरक्षित यात्रा


नई दिल्ली: बुधवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'जग लाडकी' सफलतापूर्वक पहुंच गया। यह तीन दिनों में हार्मुज जलडमरूमध्य से भारत आने वाला तीसरा जहाज है। इस टैंकर में लगभग 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लदा हुआ है, जिसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा पोर्ट से लाया गया है।


भारत की एक और उपलब्धि

वर्तमान में मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जो कि दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत क्रूड ऑयल सप्लाई का महत्वपूर्ण मार्ग है। भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग अत्यंत आवश्यक है, इसलिए जहाजों का सुरक्षित पहुंचना एक बड़ी राहत है।


पहले के दो जहाजों की सफल यात्रा

इससे पहले, सोमवार को एमटी शिवालिक और मंगलवार को एमटी नंदा देवी ने भी सुरक्षित रूप से भारत में प्रवेश किया। इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी थी, और ये दोनों जहाज 13 मार्च को हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे थे।


सरकार की सक्रियता

ईरान ने भारत के साथ विदेश मंत्रियों की बातचीत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच चर्चा के बाद भारतीय झंडे वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी।


शिपिंग महानिदेशालय इस पूरे मामले पर ध्यान दे रहा है। जहाज मालिकों, RPSL एजेंसियों और फारस की खाड़ी में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय किया जा रहा है। सरकार बंदरगाहों, शिपिंग कंपनियों और लॉजिस्टिक्स टीमों के साथ मिलकर सप्लाई में किसी भी प्रकार की रुकावट को कम करने का प्रयास कर रही है।


बंदरगाहों को एंकरेज, बर्थ हायर और स्टोरेज चार्ज में छूट देने जैसी राहत उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।


भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती

यह घटनाक्रम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से एलपीजी की कमी के समय में इन जहाजों का पहुंचना देश के लिए बड़ी सहायता साबित होगा। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और बाकी बचे भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।