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गुजरात में फ्रेंच फ्राइज बनाने वाली नई फैक्ट्री का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में एक नई फ्रेंच फ्राइज फैक्ट्री का उद्घाटन किया है, जो किसानों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगी। इस फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता हर घंटे पांच टन है, और यह आलू की खेती में पिछले 25 वर्षों में हुए विस्तार का परिणाम है। बनास डेयरी ने 2019 में अमूल ब्रांड के तहत फ्रेंच फ्राइज के कारोबार में कदम रखा था। इस फैक्ट्री के माध्यम से भारत के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात भी बढ़ने की उम्मीद है।
 

प्रधानमंत्री मोदी का वर्चुअल उद्घाटन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात में एक नई फ्रेंच फ्राइज निर्माण फैक्ट्री का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह उद्घाटन बनास डेयरी के तीन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और अनुसंधान परियोजनाओं के अंतर्गत हुआ। पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर फैक्ट्री की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'खेत से फैक्ट्री और फिर फ्राइज तक। मेड इन इंडिया, दुनिया के लिए।'


फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता

हर घंटे तैयार होंगे 5 टन फ्रेंच फ्राइज


यह फैक्ट्री बनासकांठा जिले के वाव-थराद क्षेत्र में स्थित है और इसका विस्तार 51.65 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस परियोजना पर अप्रैल 2026 में कार्य प्रारंभ हुआ था। अब फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता दो टन प्रति घंटे से बढ़कर पांच टन प्रति घंटे हो गई है।


फ्रेंच फ्राइज का सफर

2019 में अमूल ब्रांड के तहत हुई शुरुआत


बनास डेयरी ने 2019 में अमूल ब्रांड के तहत फ्रेंच फ्राइज के कारोबार में कदम रखा। इसने आलू की खेती से लेकर तैयार उत्पाद की बिक्री तक की पूरी सप्लाई चेन विकसित की है। इसमें टिश्यू कल्चर से पौधे तैयार करना, बीज उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, किसानों से आलू खरीदना और बाजार तक उत्पाद पहुंचाना शामिल है।


आलू की खेती में वृद्धि

25 साल में आलू की खेती का दायरा बढ़ा


बनासकांठा में फ्रेंच फ्राइज जैसे उत्पादों के लिए आलू की खेती में पिछले 25 वर्षों में बड़ा विस्तार हुआ है। जिले में आलू की खेती का रकबा 400 हेक्टेयर से बढ़कर 61 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गया है। वर्ष 2024-25 में यहां लगभग 18.7 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ।


किसानों को लाभ

किसानों को पहले ही मिल जाती है खरीद कीमत की जानकारी


बनास डेयरी की योजना के तहत, किसानों को बीज देते समय आलू की खरीद कीमत तय कर दी जाती है। इससे किसानों को फसल तैयार होने से पहले अपनी कमाई का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।


आलू उत्पादों का निर्यात

भारत से बढ़ रहा है आलू उत्पादों का निर्यात


देश में प्रसंस्कृत आलू उत्पादों की मांग और निर्यात में भी बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2025-26 में भारत ने करीब 2.77 लाख टन ऐसे उत्पादों का निर्यात किया, जिनकी कीमत लगभग 2,744.50 करोड़ रुपये रही।