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गुजरात में बैरियर-लेस टोल सिस्टम की शुरुआत, यात्रा होगी सुगम

गुजरात के चोर्यासी में बैरियर-लेस टोल सिस्टम की शुरुआत की गई है, जो यात्रा को सुगम बनाएगा। इस प्रणाली में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन और फास्टैग का उपयोग किया गया है, जिससे वाहन बिना रुके टोल का भुगतान कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि यह प्रणाली यात्रा का समय और ईंधन की बचत करेगी, साथ ही ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को भी कम करेगी। इस नई तकनीक से टोल कर्मियों के साथ होने वाली समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
 

गुजरात में बैरियर-फ्री टोल सिस्टम का उद्घाटन

गुजरात के चोर्यासी में देश का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम शुरू किया गया है। यह टोल प्लाजा सूरत-भरूच राजमार्ग पर स्थित है, और इसका उद्घाटन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया। पारंपरिक टोल प्लाजा में बैरियर होता है, जो भुगतान के बाद ही उठता है, लेकिन इस नए टोल प्लाजा में कोई बैरियर या टोल बूथ नहीं है।


उन्नत तकनीक का उपयोग

इस टोल प्लाजा में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन और फास्टैग सिस्टम का उपयोग किया गया है। जैसे ही वाहन गुजरता है, स्वचालित रूप से टोल शुल्क कट जाता है, जिससे लोगों को रुकने की आवश्यकता नहीं होती। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि यह मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर चोर्यासी टोल प्लाजा पर शुरू किया गया है।


यात्रा का समय और ईंधन की बचत

गडकरी ने कहा कि इस नए सिस्टम से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे यात्रा का समय और ईंधन की बचत होगी। यह ट्रैफिक जाम को कम करेगा और प्रदूषण में भी कमी लाएगा। बैरियर-लेस टोलिंग से लोगों का जीवन आसान होगा और देशभर में माल और रसद की आवाजाही में तेजी आएगी। हाल ही में गडकरी ने दिसंबर से पूरे देश में बैरियर-लेस टोल सिस्टम लागू करने की योजना की घोषणा की।


टोल कर्मियों की समस्याएं

सोशल मीडिया पर टोल प्लाजा के वीडियो अक्सर वायरल होते हैं, जिनमें नागरिकों और टोल कर्मियों के बीच बहस होती है, जो कभी-कभी झगड़े में बदल जाती है। कई बार टोल कर्मियों द्वारा यात्रियों के साथ हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। बैरियर-लेस टोल सिस्टम से इस तरह की समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।