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गुजरात में लिव-इन पार्टनर हत्या मामले में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी की पुलिस द्वारा पिटाई का एक वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया है, जबकि सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। क्या कानून के नाम पर इस तरह की सार्वजनिक पिटाई उचित है? जानिए इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बारे में।
 

पुलिस की कार्रवाई पर विवाद

भावनगर, गुजरात में एक लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी की पुलिस द्वारा कथित पिटाई का एक वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो उस समय का है जब पुलिस हत्या की घटना का पुनर्निर्माण कर रही थी। इसमें आरोपी फैजल लखानी को रस्सियों से बांधकर घसीटते और डंडों से पीटते हुए पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं।


पुलिस का बचाव

नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि मामला गंभीर था और घटना के बाद लोगों में पुलिस की छवि को लेकर रोष था। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में अपराधियों को कड़ा संदेश देना आवश्यक है।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

गुजरात में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन क्या कानून के नाम पर सार्वजनिक अपमान और पिटाई वाकई उचित है? काजल हत्या मामले में आरोपी फैजल को सड़क पर डंडों से पीटते हुए पुलिस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।…

— Abid Hasan (@ahasan01031979) September 6, 2026


घटनास्थल पर पुलिस की कार्रवाई

वीडियो में पुलिसकर्मी आरोपी को वारदात स्थल के आसपास ले जाते समय उसके साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई हत्या की जांच के तहत की गई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने महिला पर सार्वजनिक स्थान पर हमला किया था, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।


सख्त संदेश की आवश्यकता

निरीक्षक उनाडकट ने कहा कि इस घटना के बाद यह धारणा बन गई थी कि अपराधी महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध कर रहे हैं और पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाना आवश्यक है।


काजल बरैया हत्या का मामला

पुलिस के अनुसार, काजल बरैया और फैजल लखानी लगभग सात वर्षों से एक साथ रह रहे थे। पुलिस का दावा है कि फैजल के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद उसे पता चला कि काजल उसके परिचित रवि के संपर्क में थी, जिसके चलते दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि फैजल ने काजल और रवि पर हमला किया, जिससे काजल गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


पुलिस की पिटाई पर कानूनी सवाल

गुजरात हाईकोर्ट में पुलिस द्वारा आरोपियों की सार्वजनिक पिटाई से संबंधित एक जनहित याचिका का भी उल्लेख किया गया है। अदालत को बताया गया था कि राज्य के गृह विभाग ने 7 मई को एक परिपत्र जारी किया था, जिसमें पुलिस को आरोपियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने से रोकने के निर्देश दिए गए थे।