गुमला में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, पंचायत ने आरोपी पर लगाया 1 लाख का जुर्माना
गुमला में दुष्कर्म की घटना
रांची/गुमला : झारखंड के गुमला जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवता और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद, पुलिस को सूचित करने के बजाय गाँव में पंचायत का आयोजन किया गया। आरोप है कि पंचायत ने आरोपी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और मामले को दबाने का प्रयास किया।
इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी द्वारा दिए गए 20 हजार रुपये से गाँव के कुछ लोगों ने शराब और मांस की पार्टी का आयोजन किया। यह मामला तब उजागर हुआ जब गाँव के एक जागरूक नागरिक ने गुप्त रूप से पुलिस को इसकी सूचना दी।
घटना घाघरा थाना क्षेत्र के पलमा गाँव की है। पुलिस के अनुसार, यह घटना शाम करीब चार बजे हुई। आरोपी सुनील लोहरा पीड़िता के घर पहुँचा, जहाँ बच्ची अपनी माँ के साथ थी। आरोपी ने महिला से कहा कि वह बच्ची को संभाल लेता है, तब तक वह अपना काम निपटा लेगा।
माँ ने पड़ोसी पर भरोसा करते हुए अपने काम में लग गई। इसी बीच, आरोपी बच्ची को अपने साथ कमरे में ले गया। कुछ समय बाद जब बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई, तो माँ वहाँ दौड़ी। बच्ची गंभीर रूप से घायल थी। इसके बाद परिवार को दुष्कर्म का पता चला और पूरे गाँव में हड़कंप मच गया।
इस गंभीर अपराध के बाद पुलिस को सूचित करना सबसे पहला कदम होना चाहिए था, लेकिन गाँव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने मामले को दबाने की योजना बनाई। पहले बच्ची को गुपचुप तरीके से एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया। फिर रविवार को पंचायत बुलाई गई।
पंचायत के सदस्यों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए आरोपी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने मौके पर 20 हजार रुपये नकद दिए, जबकि बाकी 80 हजार रुपये एक हफ्ते में देने का आदेश दिया गया।
इस मामले का सबसे घिनौना पहलू यह रहा कि आरोपी से वसूले गए 20 हजार रुपये से गाँव में शराब और मांस की पार्टी शुरू हो गई। पंचायत के फैसले से खुश होकर कुछ लोग जश्न मना रहे थे, जबकि पीड़िता का परिवार रसूखदारों के दबाव में आँसू बहा रहा था।
इसी जश्न के बीच, घाघरा थाना पुलिस को किसी ने गुप्त सूचना दी कि पलमा गाँव में इतनी बड़ी वारदात को पंचायत के जरिए दबाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गाँव पहुँची। पुलिस को देखकर जश्न मना रहे लोगों में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील लोहरा को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पीड़िता की माँ ने थाने में लिखित बयान दर्ज कराया, जिसके आधार पर पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्य प्रभावित करने और अपराध छिपाने के आरोप में पंचायत के सदस्यों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अरंगी पंचायत के मुखिया लोदो एक्का ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस गुप्त बैठक की कोई जानकारी नहीं थी।