गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद में पंजाब के किसानों की अनदेखी पर केंद्र सरकार को लताड़ा
पंजाब के किसानों की अनदेखी पर मीत हेयर का बयान
चंडीगढ़/नई दिल्ली- संगरूर से लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर ने आज संसद में कृषि बजट पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पंजाब के किसानों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के लोगों के प्रति इतनी नफरत रखती है कि कृषि बजट में पंजाब का नाम तक नहीं लिया गया। मीत हेयर ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग की और साथ ही पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) के 8500 करोड़ रुपये को तुरंत जारी करने की अपील की। इसके अलावा, उन्होंने किसान विरोधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की भी मांग की।
मीत हेयर ने यह भी कहा कि संसद में रेलवे पर चर्चा के लिए दो दिन निर्धारित किए गए हैं, जबकि कृषि पर केवल कुछ समय दिया गया है, जो केंद्र सरकार के इरादों को स्पष्ट करता है। उन्होंने बताया कि कृषि बजट में अन्य राज्यों का उल्लेख है, लेकिन पंजाब, जो देश का पेट भरता है, का नाम नहीं है। पिछले 13 वर्षों से केंद्र सरकार ने पंजाब का नाम तक नहीं लिया है। पंजाब का क्षेत्रफल केवल डेढ़ प्रतिशत है, लेकिन यह देश के गेहूं भंडार में 18 प्रतिशत और चावल भंडार में 12 प्रतिशत योगदान देता है। इसके बदले पंजाब ने अपनी उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों को खो दिया है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की आय दोगुनी करने और हर फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के अपने वादे से मुकर गई है। मीत हेयर ने कहा कि पंजाब को गेहूं और चावल के फसल चक्र से बाहर निकालने के लिए विशेष पैकेज की आवश्यकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसानों को औसतन 27 लाख रुपये की सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत में यह केवल छह हजार रुपये है। ऐसे में भारतीय किसान कैसे प्रतिस्पर्धा कर सकता है? उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने खेती को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है और इस तरह के नुकसानदायक समझौते को रद्द कर देना चाहिए।
मीत हेयर ने केंद्र के पंजाब विरोधी रवैये का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र ने पंजाब का 8500 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड रोका हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस कांग्रेस सरकार की गलतियों के कारण यह फंड रोका गया, उस समय के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अब भाजपा में हैं। भाजपा नेताओं की गलतियों का खामियाजा वर्तमान पंजाब सरकार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने किसानों और आढ़तियों के बीच के संबंध का भी उल्लेख किया और आढ़तियों के कमीशन का मुद्दा उठाया।