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गुरुग्राम में 6 फीट लंबे कोबरा का रेस्क्यू: टॉयलेट सीट के नीचे छिपा था सांप

गुरुग्राम के गाड़ौली कलां गांव में एक परिवार ने अपने बाथरूम से आ रही फुंकार की आवाज सुनकर घबरा गए। जब वन्यजीव संरक्षण टीम मौके पर पहुंची, तो पता चला कि एक 6 फीट लंबा स्पेक्टेकल्ड कोबरा टॉयलेट सीट के नीचे छिपा हुआ था। टीम ने सावधानी से टॉयलेट सीट को तोड़कर सांप को सुरक्षित निकाला। इस घटना ने शहरीकरण और मानसून के दौरान सांपों की बढ़ती संख्या की समस्या को उजागर किया है।
 

गुरुग्राम में सांप का रेस्क्यू


गुरुग्राम में सांप का रेस्क्यू वीडियो: गाड़ौली कलां गांव में एक परिवार को अपने बाथरूम से आ रही फुंकार की आवाज ने घबरा दिया। आवाज सुनने के बावजूद सांप का कहीं पता नहीं चल रहा था। जब वन्यजीव संरक्षण कर्मी अनिल गंडास को सूचित किया गया, तो उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि एक 6 फीट लंबा स्पेक्टेकल्ड कोबरा टॉयलेट सीट के अंदर छिपा हुआ था।


फुंकार की आवाज का रहस्य

गाड़ौली कलां गांव के एक घर में यह घटना हुई। परिवार ने बाथरूम में टॉयलेट सीट के आसपास से सांप की फुंकारने जैसी आवाज सुनी। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आवाज कहां से आ रही है। टॉयलेट में देखने के बावजूद सांप नहीं दिखा, जिसके बाद उन्होंने वन्यजीव रेस्क्यू टीम से संपर्क किया। सूचना मिलने पर अनिल गंडास अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने टॉयलेट सीट की बारीकी से जांच की। सीट को खटखटाने पर अंदर से फुंकार की आवाज और तेज सुनाई दी, जिससे टीम को अंदाजा हुआ कि सांप सीट के अंदर छिपा है।


कोबरा का रेस्क्यू

सांप को सुरक्षित निकालने के लिए टीम ने टॉयलेट सीट को तोड़ने का निर्णय लिया। सीट हटाने के बाद, वहां एक संकरी जगह में 6 फीट लंबा स्पेक्टेकल्ड कोबरा छिपा मिला। कोबरा के जहरीला होने के कारण रेस्क्यू टीम ने उसे बहुत सावधानी से बाहर निकाला। काफी मेहनत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बाद में कोबरा को एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।


शहरीकरण और सांपों की बढ़ती संख्या

अनिल गंडास ने बताया कि शहरीकरण और निर्माण कार्यों के कारण सांपों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। जंगलों और खेतों में बदलाव के चलते सांप भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। मानसून के दौरान घरों में सांपों के मिलने के मामले बढ़ जाते हैं। उनके अनुसार, अगस्त में लगभग 70 सांपों का रेस्क्यू किया गया है, जबकि पिछले तीन महीनों में 200 से अधिक सांपों को सुरक्षित निकाला गया है।