गुरुग्राम में आवारा मवेशियों को पकड़ने गई टीम पर हमला, पथराव से वाहन क्षतिग्रस्त
गुरुग्राम में नगर निगम की टीम पर हमला
गुरुग्राम की ताजा खबर: मंगलवार को नगर निगम की टीम को आवारा मवेशियों को पकड़ने के दौरान गंभीर विरोध का सामना करना पड़ा। पालम विहार के कृष्णा चौक के निकट, जब टीम मवेशियों को पकड़कर गौशाला ले जा रही थी, तभी कुछ व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी को रोक दिया। बहस के बाद स्थिति बिगड़ गई, और आरोप है कि भीड़ ने निगम के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और हाथापाई की। इसके बाद, निगम की गाड़ी पर पथराव किया गया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए। स्थिति बिगड़ने पर निगम के कर्मचारी वहां से हट गए, और आरोपी मौके से फरार हो गए।
हरिनगर से मवेशियों की गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की टीम ने मंगलवार दोपहर हरिनगर कॉलोनी से आवारा मवेशियों को पकड़ा था। ये मवेशी पालम विहार रोड स्थित कार्टरपुरी गौशाला ले जाए जा रहे थे। इसी दौरान, कृष्णा चौक पर कुछ लोग वाहनों और बाइकों के साथ पहुंचे और निगम की गाड़ी को रोक दिया। इसके बाद कर्मचारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। जैसे-जैसे स्थिति तनावपूर्ण होती गई, और लोग भी वहां इकट्ठा हो गए।
पथराव से वाहन को नुकसान
विरोध कर रहे लोगों ने नगर निगम के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और फिर निगम के वाहन पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। पथराव के कारण सरकारी वाहन के शीशे टूट गए। हालांकि, इस घटना में किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। हमले के बाद, कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटने का निर्णय लिया। आवारा मवेशियों को पकड़ने के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था, लेकिन फिर भी विरोध करने वालों ने निगम की टीम पर पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और निगम के वाहन को वहां से सुरक्षित निकाला।
आरोपियों की पहचान के लिए जांच
घटना के बाद, नगर निगम ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, वाहन को नुकसान पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल के CCTV फुटेज और मोबाइल वीडियो की मदद से पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग गए थे, और अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
आवारा मवेशियों के खिलाफ अभियान
गुरुग्राम में आवारा मवेशियों की समस्या लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। हाल ही में, नगर निगम ने शहर में घूम रहे 35,000 से अधिक आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए दो एजेंसियों को नियुक्त करने की योजना बनाई है। निगम का कहना है कि आवारा मवेशियों के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न होती है और सड़क सुरक्षा को भी खतरा होता है।