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गुरुग्राम में बिजली संकट: 5500 शिकायतें और पानी की किल्लत

गुरुग्राम में बिजली संकट ने स्थानीय निवासियों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 5500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिससे पानी की आपूर्ति भी बाधित हुई है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में।
 

गुरुग्राम में बिजली संकट की गंभीरता


हरियाणा बिजली संकट: गुरुग्राम में बिजली की कमी से स्थानीय निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति में रुकावट के कारण पानी की कमी भी हो गई है। इनवर्टर भी काम नहीं कर रहे हैं, जिससे व्यापार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल ने स्थिति को और भी कठिन बना दिया है। बिजली से संबंधित हजारों शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से कई रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले 7 घंटों में 5500 शिकायतें आई हैं। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


हड़ताल का प्रभाव

गुरुग्राम में बिजली संकट का मुख्य कारण बिजली कर्मचारियों की हड़ताल है, जो 21 अक्टूबर की रात 10 बजे से शुरू हुई। कर्मचारी हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के उस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, जिसके तहत एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिया गया है। उनका कहना है कि इससे बिजली क्षेत्र में निजीकरण बढ़ेगा और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलन चल रहा है, जिसमें लगभग 40,000 बिजली कर्मचारी शामिल हैं।


बिजली और पानी की समस्या

गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टरों और कॉलोनियों में बिजली की आपूर्ति में रुकावट की खबरें आई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सेक्टर-3, 5, 6, 7, 9, 10, और पालम विहार शामिल हैं। तकनीकी खराबी के कारण सेक्टर-3, 5 और 6 में बिजली की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली की कमी के कारण पानी की टंकियां खाली हो गई हैं, जिससे दैनिक जीवन में कठिनाई हो रही है।


पानी की कमी से बढ़ी समस्याएं

बिजली संकट का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। जिन क्षेत्रों में पानी की मोटरें बिजली पर निर्भर हैं, वहां पानी की आपूर्ति में बाधा आ रही है। कई परिवारों को पहले से जमा पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों की सुबह की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली न होने से खाना पकाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों में भी कठिनाई हो रही है।


सरकार की प्रतिक्रिया

गुरुग्राम के उपायुक्त उत्तम सिंह ने बिजली कर्मचारियों के साथ बैठक की और हड़ताल समाप्त करने की अपील की। हालांकि, बातचीत से कोई तात्कालिक समाधान नहीं निकला। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। राज्य सरकार HERC के निर्णय को चुनौती देने के लिए बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) का रुख करने की योजना बना रही है।