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गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी की गिरफ्तारी: पंजाब पुलिस की बड़ी सफलता

पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। वह 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के पीछे एक लंबी जांच प्रक्रिया और इंटरपोल का सहयोग शामिल है। जानें अफरीदी की आपराधिक गतिविधियों और उसकी गिरफ्तारी की पूरी कहानी।
 

गुरविंदर उर्फ अफरीदी की गिरफ्तारी

पंजाब पुलिस ने रविवार को वॉन्टेड गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। वह 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार है जब पंजाब पुलिस ने किसी अफ्रीकी देश से फरार आरोपी को वापस लाने में सफलता पाई है। अफरीदी पर पंजाब सरकार ने 5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, राज्य पुलिस ने उसे 7 और 8 नवंबर की रात दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया। अब उसे कानूनी कार्रवाई के लिए पंजाब लाया जा रहा है। अफरीदी का निवास स्थान तरनतारन जिले के टूट गांव में है।


गुरविंदर उर्फ अफरीदी का परिचय

गुरविंदर अफरीदी डोनी बल-प्रभ दासूवाल गैंग का कथित प्रमुख है। उस पर पंजाब में टारगेट किलिंग, वसूली के लिए फायरिंग और संगठित अपराध नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसके खिलाफ हत्या की कोशिश, वसूली और आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं।


चर्च पर हमले का मामला

गुरविंदर का नाम तरनतारन के ठक्करपुरा गांव में 31 अगस्त 2022 को एक चर्च पर हुए हमले की जांच में सामने आया था। आरोप है कि चार नकाबपोशों ने चर्च के सुरक्षा गार्ड को बंदूक की नोक पर रखा और प्रभु यीशु और मदर मैरी की मूर्तियों को तोड़ दिया।


पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां

जून 2024 में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में जसविंदर सिंह उर्फ मुंशी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुंशी ने अफरीदी और दो अन्य को अपने साथी बताया। इसके बाद पुलिस ने अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू की।


गुरविंदर की आपराधिक गतिविधियाँ

पुलिस ने अफरीदी को पंजाब की पांच प्रमुख हत्याओं से जोड़ा है, जिनमें सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी की हत्या शामिल है।


अफरीदी की गिरफ्तारी कैसे हुई?

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अफरीदी 31 मार्च 2025 को मुंबई हवाई अड्डे से यूएई गया था। उसने गोरखपुर के एक निवासी के नाम पर बना फर्जी पासपोर्ट इस्तेमाल किया। वह कई महाद्वीपों में जांच एजेंसियों से बचता रहा।


इंटरपोल का रेड नोटिस

डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड नोटिस प्राप्त किया था। पुलिस ने उसकी फर्जी पहचान और आवाजाही की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की। इसे 'ऑपरेशन शाहिद' की सफलता माना गया, जो 10 महीने तक चला।