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गैस संकट के बीच रेस्तरां पर सरकार की सख्ती: एलपीजी चार्ज नहीं ले सकेंगे

सरकार ने एलपीजी चार्ज वसूलने पर रोक लगाते हुए रेस्तरां को चेतावनी दी है कि उन्हें अपनी लागत मेन्यू में शामिल करनी होगी। सीसीपीए ने कहा है कि अगर कोई रेस्तरां गैस की बढ़ती कीमतों का हवाला देकर अलग से चार्ज करता है, तो यह नियमों का उल्लंघन होगा। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
 

सरकार की चेतावनी

नई दिल्ली। जबकि सरकार का दावा है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर गैस की कमी के कारण कई रेस्तरां बंद हो रहे हैं या अनावश्यक शुल्क वसूल रहे हैं। हाल ही में जब एलपीजी शुल्क लेने की खबरें सामने आईं, तो सरकार ने गुरुवार को एक चेतावनी जारी की। सरकार ने स्पष्ट किया कि होटल और रेस्तरां एलपीजी चार्ज नहीं ले सकते। केंद्र सरकार ने कहा कि रेस्तरां में ग्राहकों के बिल में खाने की कीमत के अलावा केवल सरकारी टैक्स जोड़े जा सकते हैं।


सीसीपीए की कार्रवाई

देशभर में एलपीजी की आपूर्ति में संकट के बीच केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कहा है कि होटल और रेस्तरां को अपनी सभी लागतों को मेन्यू में दर्शाई गई कीमतों में ही शामिल करना होगा। यदि कोई रेस्तरां गैस की बढ़ती कीमतों या अन्य परिचालन खर्चों का हवाला देकर बिल में अलग से चार्ज जोड़ता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी के बिल पर पांच प्रतिशत गैस क्राइसिस चार्ज लगाया था, जिसे सीसीपीए ने उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताया।