गोंडा में विनोद साहनी हत्या मामले पर सियासत तेज
विनोद साहनी हत्या का मामला
विनोद साहनी हत्या मामला: गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव के बर्तन व्यापारी और निषाद समाज के नेता विनोद कुमार साहनी की हत्या ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। बुधवार को वीआईपी पार्टी से जुड़े विनोद पर जानलेवा हमला हुआ, जिसके बाद गुरुवार को लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के खिलाफ योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ में धरना दिया। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संजय निषाद को एक राजनीतिक संदेश दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ रहने से भले ही पद मिल सकता है, लेकिन सम्मान नहीं। उन्होंने विनोद कुमार साहनी की हत्या के विरोध में धरने का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें संजय निषाद भी दिखाई दे रहे हैं। अखिलेश ने अपने पोस्ट में कहा, 'भाजपा का राज सत्ता सजातीयों के ‘दंभ, घमंड, अहंकार’ का आपराधिक त्रिगुट है। जो लोग समझते हैं कि सत्ता के साथ रहकर उनकी इज़्ज़त और रुतबा बढ़ता है, वो भी अब समझ गये हैं कि भाजपा में दिखावे का पद तो मिल सकता है पर सम्मान नहीं।'
अखिलेश यादव ने आगे कहा, 'भाजपाई वर्चस्ववादी अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए किसी की हत्या भी कर सकते हैं और किसी को भी ज़मीन पर बैठने को मजबूर कर सकते हैं। पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है और पीडीए की एकता भी।' आरोप है कि सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के चलते विनोद साहनी की हत्या की गई। बुधवार रात जब विनोद अपनी दुकान बंद करके लौट रहे थे, तब मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने अपने साथियों सुभाष सिंह, आकाश सिंह और अन्य के साथ मिलकर उन पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।