×

गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे: यूपी से हरियाणा की यात्रा को बनाएगा आसान

उत्तर प्रदेश से हरियाणा को जोड़ने के लिए एक नया गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है, जो 750 किलोमीटर लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर को सीधे दिल्ली और हरियाणा से जोड़ेगा, जिससे यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर केवल 8 घंटे रह जाएगा। इस परियोजना से न केवल यात्रा में आसानी होगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। जानें इस एक्सप्रेसवे के रूट और इसके लाभ के बारे में।
 

गोरखपुर-पानीपत ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे


गोरखपुर-पानीपत ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक नया एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर को सीधे दिल्ली और हरियाणा से जोड़ेगा, जिसकी लंबाई लगभग 750 किलोमीटर होगी। इसे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे या गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे नाम दिया जा सकता है। इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी यूपी, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके पूरा होने पर गोरखपुर से पानीपत तक का सफर केवल 8 घंटे में पूरा होगा, जबकि वर्तमान में यह यात्रा 12 से 14 घंटे लेती है। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।


750 किलोमीटर लंबा होगा नया एक्सप्रेसवे


इस प्रस्तावित गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 750 किलोमीटर होगी, जो इसे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल करती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस परियोजना को विकसित कर रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उत्तर प्रदेश के लगभग 133 गांव इस परियोजना से प्रभावित होंगे। एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्रीय विकास और परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।


गोरखपुर से दिल्ली-हरियाणा का सफर होगा आसान


वर्तमान में गोरखपुर से दिल्ली या हरियाणा तक पहुंचने में 12 से 14 घंटे का समय लगता है, और ट्रैफिक के कारण यह समय और बढ़ सकता है। नए एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यह दूरी लगभग 7 से 8 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी और माल परिवहन भी पहले से अधिक तेज और किफायती होगा। इससे पूर्वांचल के जिलों की दिल्ली-एनसीआर से सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी।


ऐसा रहेगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित रूट


यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र से शुरू होगा। इसके बाद यह संत कबीर नगर, गोरखपुर सदर, कैंपियरगंज और कुशीनगर के हाटा क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ेगा। इसका मार्ग बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या, लखनऊ, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, मेरठ और शामली तक पहुंचेगा। भविष्य में इसे हरियाणा के पानीपत से जोड़ा जाएगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन और भी सुगम होगा।


यूपी के इन 22 जिलों को मिलेगा फायदा


इस नए एक्सप्रेसवे का लाभ उत्तर प्रदेश के 22 जिलों को मिलने की संभावना है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, कुशीनगर, बहराइच, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर और शाहजहांपुर जैसे जिले इससे जुड़ेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली भी इस कॉरिडोर का हिस्सा होंगे। इससे यात्रा, व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।


35 हजार करोड़ से बनेगा यह प्रोजेक्ट


गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 35,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इसे प्रारंभ में 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में बनाया जाएगा, और भविष्य में आवश्यकता अनुसार इसे 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, कृषि कारोबार और स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा देगी, जिससे उत्तर प्रदेश और हरियाणा दोनों राज्यों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।