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गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, खेल संस्कृति को बढ़ावा

गोरखपुर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हुए। इस स्टेडियम का निर्माण 30,000 दर्शकों की क्षमता के साथ किया जाएगा और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की चर्चा की और खिलाड़ियों को नौकरी देने की नीति का उल्लेख किया। यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
 

गोरखपुर में स्टेडियम का शिलान्यास

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को गोरखपुर में 'गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम' का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में राज्य के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, स्थानीय सांसद रवि किशन, खेल मंत्रालय के अधिकारी और कई खिलाड़ी भी शामिल हुए।


मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह शिलान्यास समारोह के दौरान पूजा-पाठ करते हुए दिखाई दे रहे हैं।


योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हरदीप सिंह पुरी ने भारत के आवास और शहरी कार्य मंत्री रहते हुए गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को स्वीकृति दी थी और इसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की थी। इस अवसर पर उनकी उपस्थिति के लिए उन्होंने उनका आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं और खेल गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार के कार्यकाल में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से खेल को बढ़ावा देने का कार्य किया है। इन प्रयासों का परिणाम हमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदकों की बढ़ती संख्या के रूप में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल संरचना विकसित कर रही है।


उन्होंने आगे कहा कि हर जिले और गांव में स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य में खेल से संबंधित एक विश्वविद्यालय का निर्माण मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है, जिसका भव्य उद्घाटन इस सत्र में होगा। वाराणसी में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण भी चल रहा है।


सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की क्षमता 30,000 दर्शकों की होगी और इसका निर्माण 46 एकड़ में किया जाएगा। इसमें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बगल में 60 एकड़ जमीन पर एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने खेल नीति बनाकर ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नौकरी दी है। अब तक 534 से अधिक युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है।


सीएम ने कहा कि 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा और भारत ने 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के लिए भी दावेदारी पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन खेलों के माध्यम से भारत की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।


योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के अंत में पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी खिलाड़ियों को स्टेडियम के निर्माण की बधाई दी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और अन्य सहयोगियों का धन्यवाद किया।


गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पूर्ण होने की समय सीमा 23 दिसंबर 2027 निर्धारित की गई है।