ग्रीनलैंड संकट: ट्रम्प ने सहयोग न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की दी चेतावनी
कनाडाई पीएम का ग्रीनलैंड के प्रति समर्थन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि कोई देश ग्रीनलैंड पर उनके कब्जे के योजना में सहयोग नहीं करता है, तो उन पर टैरिफ लगाया जाएगा। यह बयान उन्होंने व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान दिया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों पर यह टैरिफ लागू होगा और इसके लिए वह किस कानूनी आधार का उपयोग करेंगे।
कनाडाई पीएम का बयान
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की धमकी दी है। इस पर कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ग्रीनलैंड के स्वामित्व का निर्णय ट्रम्प का नहीं है। उन्होंने कहा कि नाटो देश होने के नाते ग्रीनलैंड के प्रति उनकी जिम्मेदारी बनी हुई है। कार्नी ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के हाथ में है।
अमेरिकी संसद का ग्रीनलैंड दौरा
जब ट्रम्प ने यह बयान दिया, तब अमेरिकी संसद का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड के दौरे पर था। इस 11 सदस्यीय टीम का नेतृत्व डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स कर रहे हैं, जिसमें रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस और लिसा मर्कोव्स्की भी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीनलैंड के सांसदों और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन से मुलाकात की।
स्थानीय लोगों की आवाज सुनने का प्रयास
इस टीम का उद्देश्य स्थानीय लोगों की राय सुनना और वॉशिंगटन में तनाव को कम करना है। सीनेटर कून्स ने कहा कि वे ग्रीनलैंड के लोगों की बात सुन रहे हैं और उनकी राय लेकर वापस जाएंगे। ग्रीनलैंड की सांसद आजा चेमनित्ज ने कहा कि उन्हें दोस्तों और सहयोगियों की आवश्यकता है।
अमेरिकी सांसदों में मतभेद
अमेरिकी सीनेटर मर्कोव्स्की ने ग्रीनलैंड को जबरन लेने के खिलाफ एक बिल पेश किया है, जबकि एक अन्य रिपब्लिकन सांसद ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के पक्ष में दूसरा बिल पेश किया। ट्रम्प के विशेष दूत जेफ लैंड्री ने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड के नेताओं से सीधे बात करनी चाहिए।