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ग्रेटर नोएडा में करोड़ों रुपये के पानी बिल पर निवासियों का विरोध

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निराला ग्रीनशायर सोसायटी में निवासियों ने 1.64 करोड़ रुपये के पानी बिल को लेकर विरोध जताया है। निवासियों का कहना है कि बिल्डर प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के यह बिल थोप दिया है। पिछले आठ वर्षों से रह रहे निवासियों ने नियमित मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान किया है, लेकिन पानी के लिए कभी अलग से शुल्क नहीं लिया गया। अब वे बिल का विस्तृत विवरण मांग रहे हैं और इस मुद्दे पर सामूहिक रणनीति बनाने में जुटे हैं।
 

निवासियों की नाराजगी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निराला ग्रीनशायर सोसायटी में करोड़ों रुपये के पानी के बिल को लेकर निवासियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। सोसायटी के लोगों का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन ने 1.64 करोड़ रुपये का पानी का बिल फ्लैट मालिकों पर थोप दिया है, जिसे सभी निवासियों में बांटकर वसूली की योजना बनाई जा रही है। नोटिस के सामने आने के बाद, सोसायटी में रहने वाले लोग परेशान हैं और बिल्डर प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।


पानी के बिल पर सवाल

निवासियों का कहना है कि वे पिछले आठ वर्षों से इस सोसायटी में रह रहे हैं और नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं। बिजली का बिल अलग से भरा जाता है, लेकिन पानी के लिए कभी कोई अलग शुल्क नहीं लिया गया। अचानक इतनी बड़ी राशि का बिल भेजे जाने से लोग चौंक गए हैं और इसे अनुचित मानते हैं।


बिल का विवरण मांगते निवासी

सोसायटी के निवासी कपिल ने बताया कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यह बिल प्राधिकरण से आया है और सभी फ्लैट मालिकों को इसका भुगतान करना होगा। हालांकि, निवासियों का सवाल है कि यदि प्राधिकरण की ओर से बिल जारी हुआ था, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। लोग यह भी कहते हैं कि अब तक पानी का खर्च मेंटेनेंस शुल्क में शामिल माना जाता था और पहले कभी ऐसा भारी बिल नहीं आया।


सीमित पानी की आपूर्ति

निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट जानकारी और पारदर्शी हिसाब के इतनी बड़ी राशि फ्लैट मालिकों पर डालना उचित नहीं है। कई लोगों ने बिल्डर प्रबंधन से पूरे बिल का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा, सोसायटी के लोगों ने बताया कि हाल ही में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हुई है, लेकिन वह भी सीमित समय के लिए मिल रही है। सुबह और शाम केवल दो-दो घंटे ही पानी की सप्लाई होती है, जिससे करोड़ों रुपये का पानी बिल भेजे जाने से और अधिक नाराजगी बढ़ गई है।


बिल्डर प्रबंधन का पक्ष

फिलहाल, इस मामले में बिल्डर प्रबंधन का कोई बयान सामने नहीं आया है। सोसायटी के निवासी अब इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से आगे की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।