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ग्रेटर नोएडा में लॉटरी धोखाधड़ी के मामले में 10 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो केरल लॉटरी के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। ये आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को लॉटरी जीतने का झांसा देते थे। पुलिस ने उनके पास से कई मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की है। जानें इन अपराधियों का ठगी करने का तरीका और कैसे पुलिस ने उन्हें पकड़ा।
 

लॉटरी धोखाधड़ी का मामला


ग्रेटर नोएडा। फेस-3 सेंट्रल नोएडा पुलिस ने केरल लॉटरी के नाम पर लोगों को ठगने वाले 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर झूठे विज्ञापन चलाकर लोगों को लॉटरी जीतने का झांसा देते थे। पुलिस ने उनके पास से 20 मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और 10,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

पुलिस ने सेक्टर-121 के साई प्रॉपर्टी अपार्टमेंट में छापेमारी कर सभी आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार व्यक्तियों में एलन एंटनी, अंकित कुमार, राहुल, शकील, राजशेखर, गुरु प्रसाद, विनय डीपी, विनोद कुमार, संतोष और चेतन शामिल हैं। इनमें से अधिकांश कर्नाटक और बिहार के निवासी हैं, जो नोएडा में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लॉटरी जीतने के विज्ञापन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रसारित करते थे।


धोखाधड़ी का तरीका

आरोपी पहले 50 रुपये लेकर क्यूआर कोड के माध्यम से फर्जी लॉटरी टिकट भेजते थे। इसके बाद, वे फोन करके बताते थे कि पीड़ित की 12 लाख रुपये की लॉटरी निकल आई है। लॉटरी की राशि जारी करने के नाम पर, वे टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, आयकर क्लीयरेंस और रिजर्व बैंक क्लीयरेंस शुल्क जैसे बहाने बनाकर पैसे वसूलते थे।


शिकायतों की संख्या

पिछले दो महीनों में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से साइबर क्राइम पोर्टल पर 18 शिकायतें दर्ज की गई थीं। जांच के दौरान पता चला कि सभी कॉल नोएडा से की जा रही थीं। इसके बाद, सेक्टर-108 स्थित साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें फर्जी बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ।