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चंडीगढ़ के स्कूलों को बम धमकी: खालिस्तानी नारे और सीएम मान का जिक्र

चंडीगढ़ के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एक ईमेल में खालिस्तानी नारे और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम लिया गया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। यह घटना पहले की फर्जी धमकियों की श्रृंखला में एक और मामला है। साइबर सेल अब ईमेल के आईपी एड्रेस की जांच कर रही है।
 

चंडीगढ़ में बम धमकी से हड़कंप

चंडीगढ़: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। गुरुवार सुबह एक धमकी भरे ईमेल में खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए दोपहर 1:11 बजे स्कूलों और कुछ सरकारी दफ्तरों में विस्फोट करने की चेतावनी दी गई। इस ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें गंभीर धमकियां दी गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने संबंधित स्कूलों में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन जांच के दौरान किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।


धमकी भरा ईमेल और समय

पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग 9:08 बजे 'केनेथ मैक्सिमस' नाम के हैंडल से एक ईमेल भेजा गया। यह ईमेल शहर के सेक्टर-20, सेक्टर-23 और सेक्टर-32 स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के आधिकारिक ईमेल पतों पर प्राप्त हुआ। ईमेल में लिखा गया था— “CHANDIGARH BoleGa KHALISTAN Zindabad Zindabad”। इसके साथ ही धमकी में कहा गया कि दोपहर 1:11 बजे स्कूलों के अलावा कुछ प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा।


परविंदर झोटा की मौत का बदला

ईमेल में हाल ही में मानसा में हुई नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत का बदला लेने की बात भी कही गई है। इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ भाषा का उपयोग किया गया है। संदेश के अंत में 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' का उल्लेख करते हुए कुछ अन्य व्यक्तियों और संगठनों के नाम भी दिए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि केवल नाम लिखे जाने से यह पुष्टि नहीं होती कि ईमेल उसी संगठन ने भेजा है; यह जांच को भटकाने या दहशत फैलाने की साजिश भी हो सकती है।


सर्च ऑपरेशन और पहले की धमकियां

धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस की विशेष टीमों ने तीनों स्कूलों को खाली कराकर हर कोने की बारीकी से जांच की। कई घंटों की मेहनत के बाद जब कुछ नहीं मिला तो प्रशासन ने राहत की सांस ली। चंडीगढ़ में इस तरह की फर्जी बम धमकियों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, जिला अदालत परिसर, आईएसबीटी बस स्टैंड, पासपोर्ट कार्यालय, पंजाब सचिवालय और कई निजी स्कूलों को इसी तरह की धमकियां भेजी जा चुकी हैं, जो जांच के बाद निराधार साबित हुई थीं। फिलहाल, साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल को ट्रैक कर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।