चंडीगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जीत
चंडीगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों को उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण राहत मिली है। अदालत ने उनकी नौकरी को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है, जिससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। जानें इस फैसले के पीछे की कहानी और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया।
Aug 1, 2025, 20:28 IST
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग का निर्णय
चंडीगढ़ समाचार: वर्ष 2019 में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर और डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट को भारत सरकार द्वारा पदों की स्वीकृति न मिलने के कारण नौकरी से निकालने का आदेश दिया गया था। कर्मचारियों ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अंतरिम राहत मिली और कोर्ट के निर्णय तक उनकी नौकरी बहाल रखने का आदेश दिया गया। प्रधान बबीता रावत ने बताया कि अदालत के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक भारत सरकार से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चंडीगढ़ के तहत अन्य परियोजनाओं के लिए मंजूरी और अनुदान प्राप्त होते रहेंगे, तब तक इन कर्मचारियों को बहाल रखने में कोई समस्या नहीं होगी। यूनियन और सभी कर्मचारियों ने विभाग के इस सकारात्मक कदम की सराहना की है, जिससे सभी में खुशी का माहौल है। आज कर्मचारियों ने नोडल अधिकारी, डॉक्टर चारु से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया और मिठाई बांटी।
31 जुलाई 2025 को उच्च न्यायालय ने सभी 12 डेटा एंट्री ऑपरेटर और 2 डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट के मामलों का निपटारा करते हुए यह निर्णय सुनाया कि सभी कर्मचारियों की नौकरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सुरक्षित रहेगी। महासचिव अमित कुमार ने बताया कि इस मामले की पैरवी में बिपिन शेर सिंह, चेयरमैन, ऑल कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी संघ और एडवोकेट भूपिंदर सिंह गिल तथा एडवोकेट विकास सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कर्मचारियों में उत्साह है कि अब किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा।