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चंडीगढ़ में ज्वैलर्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चंडीगढ़ में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 40 से अधिक ज्वैलर्स ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सोने और चांदी की हॉलमार्किंग, ज्वैलर्स के पंजीकरण की आवश्यकताएं, और BIS की ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ज्वैलर्स को नए दिशा-निर्देशों और अनुपालन आवश्यकताओं के बारे में बताया। प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न पूछे और सुझाव दिए, जिससे हॉलमार्किंग के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
 

ज्वैलर्स जागरूकता कार्यक्रम

चंडीगढ़: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हरियाणा शाखा कार्यालय ने चंडीगढ़ में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 40 से अधिक ज्वैलर्स और पंचकूला ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सोने और चांदी की हॉलमार्किंग, ज्वैलर्स के पंजीकरण की आवश्यकताएं, HUID अंकन से संबंधित अनुपालन, BIS की ऑनलाइन सेवाएं, और लागू भारतीय मानकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।


कार्यक्रम की शुरुआत मधुरिमा माधव, वैज्ञानिक ‘ई’/निदेशक एवं प्रमुख, हरियाणा शाखा कार्यालय, BIS द्वारा की गई। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने HUID स्थानांतरण और आभूषणों की फोटो कैप्चरिंग की प्रक्रिया में हुए परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि BIS और ज्वैलर्स को मिलकर काम करना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण आभूषण मिल सकें।


एस. सी. दास, वैज्ञानिक ‘ई’/निदेशक एवं क्षेत्रीय हॉलमार्किंग समन्वय अधिकारी (उत्तर), BIS ने ज्वैलर्स के लिए जारी दिशा-निर्देशों में हुए परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों का सफल कार्यान्वयन ज्वैलर्स के सहयोग से ही संभव है।


दीपक कुमार सिंगला, वैज्ञानिक ‘एफ’/उपमहानिदेशक, उत्तरी क्षेत्र, BIS ने ज्वैलर्स की भागीदारी की सराहना की और इसे BIS की हॉलमार्किंग गतिविधियों को मजबूत करने के प्रति ज्वैलर्स की रुचि का प्रतीक बताया। उन्होंने गुणवत्ता आश्वासन और उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाने में हॉलमार्किंग के महत्व को रेखांकित किया।


तकनीकी सत्र में अनंत कुमार, वैज्ञानिक ‘सी’/उपनिदेशक, हरियाणा शाखा कार्यालय, BIS ने हॉलमार्किंग पंजीकरण प्रक्रिया और अनुपालन आवश्यकताओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने 2 ग्राम से कम वजन वाले सोने के आभूषणों के नमूना संग्रहण की प्रक्रिया के बारे में भी बताया।


संवाद सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न पूछे और उनकी शंकाओं का समाधान किया। ज्वैलर्स ने सुझाव दिया कि 800 शुद्धता स्तर से कम के चांदी के आभूषणों को अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में लाने पर विचार किया जाना चाहिए।


कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी बताया और कहा कि इससे उनकी समस्याओं का समाधान और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समझने में मदद मिली। यह पहल BIS की हॉलमार्किंग के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।