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चंडीगढ़ में डिजिटल रुपये से राशन सब्सिडी की नई व्यवस्था शुरू

चंडीगढ़ में राशन सब्सिडी के लिए एक नई प्रणाली शुरू की गई है, जिसमें लाभार्थियों को डिजिटल रुपये के माध्यम से सब्सिडी मिलेगी। यह पहल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत की गई है, जिससे सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में पहुंचेगी। इस प्रणाली का उद्देश्य सब्सिडी वितरण को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। जानें इस नई व्यवस्था के लाभ और कार्यप्रणाली के बारे में।
 

चंडीगढ़ में डिजिटल रुपये राशन सब्सिडी


चंडीगढ़ में राशन सब्सिडी के लिए नई पहल: चंडीगढ़ में राशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के लिए सरकार ने एक नई प्रणाली लागू की है। अब, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के लाभार्थियों को फूड सब्सिडी सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में डिजिटल रुपये (CBDC) के रूप में दी जाएगी। इसका उद्देश्य सब्सिडी को तेजी से, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से वितरित करना है।


डिजिटल रुपये का नया सिस्टम

केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में CBDC आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली की शुरुआत की है। इस प्रणाली के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी डिजिटल रुपये के रूप में प्रदान की जाएगी। अब, बैंक खाते में पैसे भेजने के बजाय, CBDC वॉलेट में प्रोग्रामेबल डिजिटल रुपये भेजे जाएंगे, जिन्हें निर्धारित दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदने के लिए उपयोग किया जा सकेगा।


लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शामिल

इस योजना का उद्घाटन चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। यह कार्यक्रम चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी उपस्थित रहे।


कैसे मिलेगी डिजिटल रुपये में सब्सिडी?

इस नई प्रणाली में पात्र लाभार्थियों के लिए एक CBDC डिजिटल वॉलेट होगा, जिसमें खाद्य सब्सिडी डिजिटल रुपये के रूप में भेजी जाएगी। लाभार्थी इस राशि का उपयोग केवल सरकार द्वारा निर्धारित दुकानों से खाद्यान्न खरीदने के लिए कर सकेंगे। इस प्रणाली के तहत सभी लेनदेन डिजिटल रूप से होंगे, जिससे भुगतान का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और सब्सिडी के उपयोग को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा।


सरकार को क्या लाभ होगा?

सरकार का मानना है कि CBDC आधारित DBT से खाद्य सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। डिजिटल लेनदेन के कारण, सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे सरकारी धन के उपयोग की निगरानी करना आसान होगा। इस प्रणाली से सब्सिडी वितरण में होने वाले संभावित रिसाव और गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिलेगी।


पुडुचेरी और गुजरात में परीक्षण

चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में शुरू की गई यह प्रणाली नई नहीं है। इससे पहले, पुडुचेरी और गुजरात में CBDC आधारित सब्सिडी वितरण का पायलट प्रोजेक्ट किया गया था। इन प्रयोगों से मिली जानकारी के आधार पर अब इस मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है।