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चंडीगढ़ में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या: लिव-इन पार्टनर की क्रूरता का मामला

चंडीगढ़ में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या ने सभी को झकझोर दिया है। लगभग दो महीने तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद, मनजीत ने अपने लिव-इन पार्टनर और उसके साथियों की बर्बरता का शिकार होकर दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोपों के तहत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानें इस दर्दनाक घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

मनजीत कौर का दर्दनाक अंत


चंडीगढ़: एक दिल दहला देने वाली घटना में, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर ने शनिवार को चंडीगढ़ के अस्पताल में दम तोड़ दिया। लगभग दो महीने तक आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद, मनजीत कौर करीब 7 सप्ताह की गर्भवती थीं। अपने लिव-इन पार्टनर और उसके साथियों की बर्बरता का शिकार हुई, उन्होंने 54 दिनों तक संघर्ष किया, लेकिन अंततः उनके शरीर ने जख्मों का सामना नहीं किया। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर अपहरण और हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


लिव-इन पार्टनर की क्रूरता

3 जुलाई को, आरोपियों ने मनजीत कौर को चंडीगढ़ के व्यस्त सेक्टर-34 में एक शराब की दुकान के पास मिलने के लिए बुलाया। वहां पहुंचते ही, उन्होंने जबरन उन्हें कार में बिठाया और मोरिंडा के एक सुनसान स्थान पर ले गए। वहां, आरोपियों ने मनजीत कौर के साथ बर्बरता से मारपीट की और फिर उन्हें एक शहतूत के पेड़ से बांध दिया। उनकी हैवानियत की हदें पार करते हुए, उन्होंने पीड़िता को जिंदा आग के हवाले कर दिया।


तीन आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज

पुलिस के अनुसार, मनजीत कौर सेक्टर-34 में रह रही थीं और तलाक के बाद आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उनका सात वर्षीय बेटा वर्तमान में पूर्व पति के साथ रहता है। चंडीगढ़ पुलिस की डीएसपी गुरजीत कौर और खरड़ सदर थाने के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि मृतका की मां कांता देवी के बयानों पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने रिंकू, शुभी और पिंडा के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


54 दिनों का दर्दनाक संघर्ष

जब मनजीत कौर के शरीर से आग की लपटें उठने लगीं, तब उनकी एक सहेली ने उन्हें देखा और किसी तरह आग बुझाकर पास के अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसी मनजीत कौर की स्थिति को देखते हुए, उन्हें मोरिंडा के प्राथमिक अस्पताल से तुरंत मोहाली के मैक्स अस्पताल रेफर किया गया। वहां कुछ दिन इलाज के बाद, उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआई (PGI) अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन शरीर के अधिकांश हिस्से के जल जाने और आंतरिक चोटों के कारण शनिवार को उनकी सांसें थम गईं।