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चंडीगढ़ हत्याकांड में शामिल दो शूटर कैथल में गिरफ्तार, तीन पिस्तौल बरामद

पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर नौ में हुई हत्या के मामले में दो शूटरों को कैथल में गिरफ्तार किया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये आरोपी एक भगोड़े गैंगस्टर के सहयोगी हैं। आगे की जांच जारी है।
 

पंजाब पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

चंडीगढ़ - पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (करनाल यूनिट) के सहयोग से गुरुवार को कैथल में एक संक्षिप्त गोलीबारी के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर नौ में हुए हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को गिरफ्तार किया। उनके पास से तीन अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं।


पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवाशहर के प्रीतम शाह के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में .30 बोर की पीएक्स-5 पिस्तौल, .30 कैलिबर की चीनी पिस्तौल और .32 कैलिबर की पिस्तौल शामिल हैं, साथ ही गोला-बारूद भी मिला है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित चरणप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।


यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बंबीहा गिरोह के भगोड़े गैंगस्टर लकी पटियाल के करीबी सहयोगी हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि राजन उर्फ पीयूष पहलवान, जीवनजोत सिंह उर्फ जुगनू के ड्राइवर यादविंदर सिंह की हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में भी वांछित था। एजीटीएफ ने पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 30 घंटे से भी कम समय में आरोपियों को पकड़ लिया है। आगे की जांच जारी है।


एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद बान ने कहा कि घटना के बाद, एजीटीएफ ने डीआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान की देखरेख में एक विशेष ऑपरेशन “ऑप्स साइलेंट ट्रिगर” शुरू किया। इस ऑपरेशन के दौरान आरोपियों ने एसपी एजीटीएफ बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व वाली पुलिस टीमों पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी पीयूष अपने विदेश स्थित हैंडलर के निर्देश पर हत्या को अंजाम देने के लिए मलेशिया से नेपाल होते हुए आया था।