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चक्की पुल का निर्माण: पंजाब और हिमाचल के बीच यात्रा को बनाएगा आसान

पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चक्की खड्ड पर नए पुल का निर्माण चल रहा है, जो यात्रा को सुगम बनाएगा। लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल से मौजूदा पुल पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। वेल फाउंडेशन तकनीक से बने इस पुल की लंबाई 520 मीटर होगी और यह दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद है। जानें इस पुल के निर्माण की विशेषताएँ और इसके लाभ।
 

चक्की पुल का अद्यतन


चक्की पुल का अद्यतन: पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए चक्की खड्ड पर एक नया पुल बनाया जा रहा है। यह पुल पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे-154 के फोरलेन प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल से पंजाब से हिमाचल जाने वाले वाहनों को राहत मिलेगी। पुल के निर्माण के बाद मौजूदा चक्की पुल पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच यात्रा अधिक सुगम होगी। नए पुल का निर्माण वेल फाउंडेशन तकनीक का उपयोग करके किया जा रहा है और इसे दिसंबर तक पूरा करने की योजना है।


520 मीटर लंबा नया पुल

नया चक्की सड़क पुल लगभग 520 मीटर लंबा और 11.5 मीटर चौड़ा होगा। इसमें कुल 17 पिलर होंगे, जिनकी नींव लगभग 23 मीटर गहरी होगी। यह पुल मौजूदा सड़क पुल और रेलवे पुल के बीच बनाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के अनुसार, पुल के वेल पिलरों का काम पूरा होने के बाद पियर कैपिंग और गर्डर लांचिंग जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके बाद स्लैब का निर्माण किया जाएगा।


वेल फाउंडेशन की विशेषताएँ

चक्की खड्ड में बारिश के दौरान पानी का बहाव तेज हो सकता है। अगस्त 2022 में आई बाढ़ के दौरान मौजूदा पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ था। इसलिए नए पुल की नींव को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। वेल फाउंडेशन में पुल के पिलर्स की नींव नदी की सतह से काफी नीचे तक बनाई जाती है, जिससे तेज बहाव के कारण मिट्टी के कटाव का जोखिम कम होता है। इसका डिज़ाइन बाढ़ और तेज बहाव के जोखिम को कम करने के लिए किया गया है।


पुराने पुल पर ट्रैफिक में कमी

नए पुल का सबसे बड़ा लाभ मौजूदा सड़क पुल को होगा। रिपोर्ट के अनुसार, नए पुल का उपयोग पठानकोट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए किया जाएगा, जबकि मौजूदा पुल से हिमाचल की ओर आने वाले ट्रैफिक को संचालित किया जाएगा। इस प्रकार, दोनों दिशाओं के यातायात को अलग-अलग पुलों पर बांटने से जाम कम करने और आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। चक्की पुल पंजाब और हिमाचल को जोड़ने वाली सड़क पर महत्वपूर्ण है, खासकर पर्यटन सीजन और धार्मिक यात्राओं के दौरान।


NH-154 फोरलेन प्रोजेक्ट का हिस्सा

चक्की पुल का निर्माण पठानकोट-मंडी NH-154 फोरलेन परियोजना से संबंधित है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि इस कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में फोरलेनिंग का कार्य चल रहा है। नवंबर 2024 की सरकारी स्थिति रिपोर्ट में पंजाब/हिमाचल सीमा से आगे के कई पैकेजों में निर्माण कार्य की प्रगति दर्ज की गई थी। इस पूरे कॉरिडोर के विकसित होने से यात्रियों के लिए सड़क संपर्क बेहतर होगा।


निर्माण समयसीमा में बदलाव

नए चक्की सड़क पुल की निर्माण लागत लगभग 45 करोड़ रुपये है। दिसंबर 2025 की रिपोर्ट में निर्माण एजेंसी ने पुल को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, अब इसे दिसंबर तक तैयार करने की बात कही जा रही है। चक्की पुल न केवल स्थानीय यातायात के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पंजाब और हिमाचल के बीच माल ढुलाई, पर्यटन और रोजमर्रा की आवाजाही के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है।