चक्रवात अर्नब का खतरा: भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
चक्रवात अर्नब का प्रभाव
नई दिल्ली: मानसून के समाप्त होते ही, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम में बदलाव की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के चलते पूर्वी और दक्षिणी भारत में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान 27 अक्टूबर को और अधिक शक्तिशाली हो सकता है और 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। इसका प्रभाव अन्य राज्यों के मौसम पर भी पड़ सकता है।
दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में मौसम
दिल्ली-NCR और हरियाणा में 27 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे कई जिलों में मौसम बिगड़ सकता है। बिहार के पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश और आंधी का अनुमान है। झारखंड में रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब में मौसम का असर
राजस्थान के जयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में बारिश और तेज हवा की संभावना है। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, सागर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में 27 से 29 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव आ सकता है। पंजाब के लुधियाना, बठिंडा, मोहाली, पठानकोट और अन्य जिलों में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, हर क्षेत्र में बारिश की तीव्रता और हवा की रफ्तार अलग-अलग रह सकती है।
पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर में सावधानी बरतें
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर चक्रवात का खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब 27 अक्टूबर को बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच बापटला से विशाखापत्तनम के आसपास पहुंचने का अनुमान है। उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बारिश या तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की सलाह मानने की सलाह दी गई है। लोगों को अपने क्षेत्र के ताजा मौसम अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए।