चक्रवात 'अर्नब' का प्रभाव: देशभर में मौसम में बदलाव और नई चेतावनी
चक्रवात 'अर्नब' का व्यापक असर
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' का प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में अभी भी महसूस किया जा रहा है। इस तूफान के कारण उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व तक मौसम में बड़े बदलाव देखे गए हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में लगातार भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे ठंड में वृद्धि हुई है।
ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन से जनहानि
ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन से 9 महीने के मासूम समेत 3 की मौत
चक्रवात के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी हुई हैं। इन प्राकृतिक आपदाओं में एक नौ महीने के बच्चे सहित तीन लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और जलभराव वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
राजस्थान में मौसम में बदलाव
राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि से लुढ़का पारा
तूफानी सिस्टम का असर पश्चिमी भारत के राजस्थान में भी स्पष्ट रूप से देखा गया। राज्य के कई हिस्सों में अचानक मौसम में बदलाव के कारण तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में भारी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे ठंड बढ़ गई है और फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
नए चक्रवात की चेतावनी
अंडमान में गहराया डिप्रेशन, आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है नया चक्रवात
जहां 'अर्नब' का प्रभाव खत्म नहीं हुआ है, वहीं मौसम विभाग ने एक नए मौसमी संकट की चेतावनी दी है। अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से गहराते हुए 'डिप्रेशन' में बदल रहा है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि यह सिस्टम और मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और आगामी 2 से 3 नवंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश से टकरा सकता है। इस नए सिस्टम के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, जिसके लिए मछुआरों और तटीय बस्तियों को अलर्ट किया गया है।