☰
×

चक्रवात मुरसु ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही, 19 उड़ानें रद्द

आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरसु ने दस्तक दी है, जिसके चलते तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं और भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चक्रवात के कारण 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए हैं। जानें इस तूफान के प्रभाव और सुरक्षा उपायों के बारे में।
 

चक्रवात मुरसु का आगमन


चक्रवात मुरसु: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरसु ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर ओंगोल के पास तूफान ने जमीन पर प्रवेश किया। इसके परिणामस्वरूप तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।


तूफान की तीव्रता

जानकारी के अनुसार, चक्रवात ने नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट को पार किया है। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है, और यह बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। तूफान के कारण समुद्र में भी तेज हलचल देखी जा रही है।


भारी बारिश और ऊंची लहरें

अगले 12 घंटे में भारी बारिश की संभावना:


मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। समुद्र में सामान्य से 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में समुद्री लहरों का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है।


हवाई सेवाओं पर असर

19 उड़ानें रद्द:


चक्रवात के प्रभाव से हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 2 उड़ानें रद्द हुई हैं। वहीं, विशाखापत्तनम में 4 और तिरुपति में 3 उड़ानें रद्द की गई हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है।


मुख्यमंत्री का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किया अलर्ट:


आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए हैं। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन को तैयार रहने को कहा गया है।


राज्य के ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को बिजली के खंभों, तारों और अन्य उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तूफान से होने वाले नुकसान को कम करना है।